न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये किया गया


नई दिल्ली : भारतीय रेलवे ने ट्रेनों और रेलवे परिसरों में अनुशासन बनाए रखने तथा नियमों के उल्लंघन पर लगाम लगाने के लिए दंडात्मक प्रावधानों को और सख्त कर दिया है। रेलवे मंत्रालय के नए निर्देशों के अनुसार 1 जुलाई से बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक जुर्माना भरना होगा। रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोनों को आदेश जारी कर नए नियमों को लागू करने के निर्देश दिए हैं।

नए प्रावधानों के तहत बिना टिकट यात्रा करने पर लगने वाला न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। रेलवे का मानना है कि इससे टिकट लेकर यात्रा करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

रेलवे ने दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी टिकट का उपयोग कर यात्रा करने वालों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। यदि जांच के दौरान कोई यात्री किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर बुक टिकट पर सफर करते हुए पाया जाता है, तो उसका टिकट तत्काल निरस्त किया जा सकता है। इसके अलावा उससे यात्रा का पूरा किराया वसूला जाएगा और न्यूनतम 500 रुपये का अतिरिक्त शुल्क भी लिया जाएगा। यदि यात्री निर्धारित जुर्माना अदा करने से इंकार करता है, तो मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंच सकता है।

रेल मंत्रालय ने ट्रेनों और स्टेशन परिसरों में बिना अनुमति सामान बेचने, फेरी लगाने या यात्रियों को खरीदारी के लिए प्रेरित करने वालों के खिलाफ भी कड़े प्रावधान लागू किए हैं। ऐसे मामलों में 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। नियमों का पालन नहीं करने पर तीन महीने तक की कैद, 5,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों प्रकार की सजा का प्रावधान रखा गया है।

लगातार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एक वर्ष तक की जेल की कार्रवाई भी की जा सकती है।

रेलवे परिसरों और ट्रेनों में भीख मांगने की घटनाओं को रोकने के लिए भी नए निर्देश जारी किए गए हैं। रेलवे अधिकारियों को ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा गया है ताकि यात्रियों को परेशानी से बचाया जा सके।

इसके अलावा ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर नशे की हालत में हंगामा करने, अन्य यात्रियों से दुर्व्यवहार करने, गाली-गलौज करने अथवा शांति भंग करने वालों के खिलाफ भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। ऐसे यात्रियों को यात्रा के दौरान ट्रेन से उतारा जा सकता है और उनके खिलाफ जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।