परिसर में अनियमित तरीके से हरे-भरे पेड़ों की कटाई किए जाने के मामले को लेकर विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है
निखिल पांडेय, गोरखपुर
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय शुक्रवार को एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया। विश्वविद्यालय परिसर से हरे-भरे पेड़ों की कटाई के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता आंदोलित हो गए और छात्रों के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ सुबह 10 बजे विश्वविद्यालय गेट पर हरे-भरे पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने के लिए डीएफओ (DFO) औऱ कुलपति के बुलाने की मांग को लेकर धूप में ही धरने पर बैठ गए।
“विश्वविद्यालय प्रशासन की मिलीभगत से इस हरे भरे परिसर को वीरान बनाकर कौन सा विकास लक्ष्य साधा जा रहा है, उसका कोई स्पष्ट उत्तर कुलपति महोदया के पास नहीं है l विश्वविद्यालय की हरियाली को विद्यार्थी परिषद मनमानी का शिकार नहीं होने देगी। इसके लिए हमें किसी हद तक संघर्ष करना पड़ेगा तो करेंगेl”प्रशांत त्रिपाठी, प्रान्त सह मंत्री, एबीवीपी
धरने पर कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि अनियमित तरीके से विश्वविद्यालय के हरे-भरे पेड़ों की इतनी बड़ी संख्या में कटाई की जा रही है और इस पर कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर सुना कर उसकी हरियाली खत्म की जा रही है, छात्र-छात्राएं इन पेड़ों की छांव में बैठते हैं। इस हरियाली से विश्वविद्यालय परिसर का माहौल शांत रहता है। इन पेड़ों की छांव से गर्मी में काफी राहती है, लेकिन इस तरह से पेड़ों के काटे जाने से परिसर का क्षेत्र बंजार जैसा दिख रहा है। विश्विविद्यलय परिसर से करीब 1192 हरे-भरे पेड़ काटे गए हैं।
“इस तरह हरे-भरे पेड़ों का काटा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है l विश्वविद्यालय अपनी हरियाली के लिए प्रसिद्ध है। इस तरह पेड़ों के कट जाने से इसका शांत माहौल औऱ प्राकृतिक सुंदरता खत्म हो जाएगी। आज अपने परिसर को ऐसे देख कर मन दु:खी है l विश्वविद्यालय प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।“-अर्पिता उपाध्याय, गोरखपुर विश्वविद्या
बताया जाता है कि करीब 5 से 6 घंटे तक विद्यार्थी परिषद और छात्रों के इस कड़े विरोध को देखते हुए करीब ढाई से तीन बजे के बीच कुलपति प्रो. पूनम टंडन वन विभाग के अधिकारी के साथ धरनास्थल पर पहुंची और आंदोलित विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। कहा कि आगे अब पेड़ों की कटाई नहीं की जाएगी। वन विभाग के अधिकारी आरएफओ ने विद्यार्थियों से कहा कि मानक के विपरित जिन पेड़ों की कटाई की गई है, उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद विद्यार्थियों ने धरना समाप्त किया, लेकिन इस बात की हिदायत दी कि यदि फिर से परिसर की हरियाली के साथ कोई खिलवाड़ किया गया तो विद्यार्थी परिषद इसके खिलाफ “चिपको आंदोलन” चलाकर अपना विरोध दर्ज कराएगी।लय-
