गंगटोक से सिलीगुड़ी जा रहा परिवार रहस्यमय ढंग से हुआ था लापता, तीन दिन बाद नदी में मिली कार
सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली
सिक्किम और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-10 पर हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। अस्पताल में भर्ती अपने परिजनों से मिलने निकला एक परिवार अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सका। कई दिनों तक परिजनों और बचावकर्मियों को उम्मीद थी कि शायद कोई चमत्कार हो जाए, लेकिन तीस्ता नदी की गहराइयों से निकली एक कार ने उन सभी उम्मीदों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। कार के भीतर से एक ही परिवार के चार लोगों के शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में शोक और मातम का माहौल है।
मृतकों की पहचान पूर्वी सिक्किम के काबी लुंगचोक (लिंगडोक) निवासी स्मारिका न्यौपाने (28), सैब्या न्यौपाने (27), जीका दहल (27) और पांच वर्षीय दित्या छेत्री के रूप में हुई है। परिवार 5 जून को गंगटोक से सिलीगुड़ी के लिए निकला था। बताया गया कि वे अस्पताल में भर्ती अपने रिश्तेदारों से मिलने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ऐसा हादसा हुआ कि पूरा परिवार काल के गाल में समा गया।
परिजनों के अनुसार, 5 जून की शाम राम्बी क्षेत्र के पास परिवार से आखिरी बार संपर्क हुआ था। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। अगले दिन लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर खोज अभियान शुरू किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पश्चिम बंगाल पुलिस और स्थानीय बचाव दलों को अभियान में लगाया गया। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्टा और समाजसेवी विक्रम राय ने भी बचाव अभियान में सहयोग किया। कई किलोमीटर लंबे क्षेत्र में खोजबीन की गई, लेकिन शुरुआती दिनों में कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया।
खोज अभियान को महत्वपूर्ण दिशा तब मिली जब बाघपुल के निकट भूस्खलन प्रभावित इलाके में एक वाहन की बैटरी और बंपर बरामद हुआ। इसके बाद आशंका जताई गई कि वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर तीस्ता नदी में गिर गया होगा। इसी आधार पर बचाव दलों ने नदी के विभिन्न हिस्सों में तलाशी तेज कर दी।
शनिवार शाम को उफनती तीस्ता नदी के भीतर डूबी हुई टाटा नेक्सॉन कार का पता चल गया। हालांकि लगातार बारिश, तेज बहाव और अंधेरे के कारण उसी रात रेस्क्यू अभियान को रोकना पड़ा। रविवार तड़के मौसम कुछ सामान्य होने पर बचावकर्मियों ने फिर अभियान शुरू किया और कई घंटों की मशक्कत के बाद कार तक पहुंचने में सफलता हासिल की। जब वाहन को बाहर निकाला गया तो उसके भीतर से चारों लोगों के शव बरामद हुए।
इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस परिवार ने अपने रिश्तेदारों का हालचाल जानने के लिए यात्रा शुरू की थी, वह खुद एक ऐसी त्रासदी का शिकार हो गया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। पांच वर्षीय मासूम दित्या की मौत ने लोगों को सबसे अधिक झकझोर दिया है।
प्रारंभिक जांच में इस हादसे के पीछे लगातार हो रही बारिश, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और राष्ट्रीय राजमार्ग-10 की खराब स्थिति को प्रमुख कारण माना जा रहा है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।
