शुक्रवार सुबह जाग चौर के गहरे जलभराव वाले गड्ढे में मिले पांचों के शव, गांव में मची चीख-पुकार। वास्तविक वजह पुलिस जांच के बाद होगी स्पष्ट
पूर्वी चंपारण : गोविंदगंज थाना क्षेत्र के बभनौली में शुक्रवार की सुबह एक ऐसी त्रासदी सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। गांव में ट्रैक्टर चलाने वाले धर्मेंद्र महतो की पत्नी और उनके चार बच्चों की एक साथ मौत हो गई। बभनौली पंचायत के जाग चौर में मिट्टी खुदाई से बने गहरे जलभराव वाले गड्ढे से पांचों के शव मिलने के बाद गांव में कोहराम मच गया। कुछ ही देर में घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और चारों ओर चीख-पुकार मच गई।
मृतकों में धर्मेंद्र महतो की 35 वर्षीय पत्नी सुशीला देवी, 11 वर्षीय पुत्री अमृता कुमारी, आठ वर्षीय पुत्र अविनाश कुमार, छह वर्षीय पुत्री पम्मी कुमारी और चार वर्षीय रवि कुमार शामिल हैं।
बताया जाता है कि गुरुवार को सुशीला देवी अपने चारों बच्चों के साथ घर से निकली थीं। देर शाम तक पांचों वापस नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। इसके बाद परिवार के सदस्यों के साथ ग्रामीण भी उनकी तलाश में जुट गए। पूरी रात आसपास खोजबीन होती रही, लेकिन मां और चारों बच्चों का कोई पता नहीं चल सका।
शुक्रवार सुबह जाग चौर स्थित गहरे पानी में शव दिखाई देने की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। खबर फैलते ही सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी शवों को पानी से बाहर निकाला गया। एक ही परिवार के पांच लोगों के शव सामने आने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में मातम पसर गया।
ग्रामीणों के अनुसार घटनास्थल पर मिट्टी की खुदाई के कारण काफी गहरा गड्ढा बन गया था, जिसमें बरसात का पानी भर गया था। आशंका जताई जा रही है कि महिला किसी काम से अपने बच्चों के साथ वहां पहुंची होगी। प्रारंभिक अनुमान है कि पहले कोई बच्चा गहरे पानी में फिसल गया होगा और उसे बचाने की कोशिश में एक-एक कर परिवार के अन्य सदस्य भी पानी में समा गए। हालांकि पांचों की मौत वास्तव में किन परिस्थितियों में हुई, यह पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी आदित्य कुमार दीक्षित और गोविंदगंज थानाध्यक्ष सच्चिदानंद प्रसाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी शवों को बाहर निकलवाया और उन्हें कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी आदित्य कुमार दीक्षित ने घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के अनुसार मृतकों के आश्रितों को नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
