• विस्फोट के वीडियो सामने आए, जिन्हें राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने साझा किया


रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर नए मोड़ पर पहुंच गया है। यूक्रेन ने गुरुवार को रूस की राजधानी मॉस्को और उसके आसपास के रणनीतिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए, जिसके बाद एक ऑयल रिफाइनरी में विस्फोट और आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। इस हमले के वीडियो यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सार्वजनिक किए, जिनमें रिफाइनरी परिसर से उठता घना काला धुआं और आग की लपटें दिखाई दे रही हैं।


सामने आए फुटेज में देखा जा सकता है कि हमले के बाद रिफाइनरी क्षेत्र के ऊपर धुएं के विशाल गुबार छा गए। एक वीडियो में ईंधन भंडारण टैंक पर सीधा हमला होता दिखाई देता है। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि टैंक का ऊपरी हिस्सा हवा में उछल गया और आसपास मलबा फैल गया। रिफाइनरी के कई हिस्सों में आग फैलने के कारण पूरे इलाके में धुएं का गुबार लंबे समय तक दिखाई देता रहा।


यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यूक्रेन की लंबी दूरी की सैन्य क्षमता ने एक बार फिर मॉस्को क्षेत्र में स्थित महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया है। उन्होंने दावा किया कि सप्ताह के भीतर यह दूसरी बार है जब मॉस्को की तेल प्रसंस्करण सुविधाओं पर हमला किया गया है। इसके अलावा रोस्तोव क्षेत्र और यूक्रेन के उन इलाकों में भी हमले किए गए, जिन्हें कीव प्रशासन रूसी कब्जे वाला क्षेत्र मानता है।


जेलेंस्की ने कहा कि यह कार्रवाई यूक्रेनी शहरों और नागरिक क्षेत्रों पर रूस की ओर से किए जा रहे हमलों का जवाब है। उन्होंने यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसियों, विशेष अभियान बलों, रक्षा खुफिया इकाइयों, मानवरहित प्रणाली बलों और मिसाइल ब्रिगेड की सराहना करते हुए कहा कि इन हमलों ने रूस की युद्ध मशीन को सहारा देने वाले महत्वपूर्ण ढांचों को नुकसान पहुंचाया है।


यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में दुनिया ने यूक्रेन की मध्यम और लंबी दूरी की सैन्य क्षमताओं की सटीकता और प्रभाव देखा है। उन्होंने दोहराया कि युद्ध को समाप्त करने का समय आ गया है और रूस को सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।


दूसरी ओर, रूसी अधिकारियों ने इस हमले को हाल के वर्षों में मॉस्को पर हुए सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक बताया है। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के अनुसार, वायु रक्षा प्रणाली ने बड़ी संख्या में ड्रोन को रास्ते में ही नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ ड्रोन सुरक्षा घेरा भेदकर महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचने में सफल रहे।


रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि रातभर देश के विभिन्न हिस्सों में 500 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन को रोका गया। मंत्रालय के अनुसार, इनमें से करीब 200 ड्रोन मॉस्को क्षेत्र की दिशा में बढ़ रहे थे। सुरक्षा कारणों से राजधानी और आसपास के कई हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया।


लगातार बढ़ते हमले और जवाबी कार्रवाइयां संकेत दे रही हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध अभी और लंबा खिंच सकता है। हालांकि दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं, लेकिन इन हमलों ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि युद्ध अब केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक ढांचे को सीधे प्रभावित कर रहा है।