• नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित बिहार प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 में हुए सम्मानित


हाजीपुर (बिहार) : गांवों में छिपी प्रतिभाओं को अवसर मिले तो वे देश-दुनिया में अपनी पहचान बना सकती हैं। इसी सोच को जमीन पर उतारने में जुटे वैशाली जिले के वासुदेवपुर चपुता निवासी विवेक कुमार को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए नई दिल्ली में सम्मानित किया गया। रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे उनके योगदान को देखते हुए उन्हें बिहार प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 में सम्मान प्रदान किया गया।


रविवार को वायस ऑफ बिहार की ओर से नई दिल्ली के रफी मार्ग स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में बिहार प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 का आयोजन किया गया। समारोह में राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा तथा केंद्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री एवं मुजफ्फरपुर सांसद राजभूषण चौधरी ने विवेक कुमार को सम्मानित किया।


इस अवसर पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि विवेक कुमार ने गांव की मिट्टी से निकलकर अपनी अलग पहचान बनाई है। आज वह ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव-देहात में अपार प्रतिभाएं मौजूद हैं, लेकिन अवसरों और उचित मार्गदर्शन के अभाव में कई युवा अपनी क्षमता के अनुरूप आगे नहीं बढ़ पाते। ऐसे युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार उपलब्ध कराने का विवेक का प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है। कौशल विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में उनका योगदान सराहनीय है।


केंद्रीय राज्य मंत्री राजभूषण चौधरी ने कहा कि बिहार को ऐसे और लोगों की जरूरत है, जो गांवों में छिपी प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें रोजगार से जोड़ने की दिशा में विवेक कुमार का कार्य एक मिसाल है।


उल्लेखनीय है कि विवेक कुमार वर्तमान में मैन पावर कंपनी विजन इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्य अधिकारी हैं। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों में शीर्ष पदों पर कार्य करने के बाद उन्होंने रोजगार और कौशल विकास को अपना मिशन बनाया। पिछले एक दशक के दौरान उनके प्रयासों से लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़े हैं।


विवेक कुमार का मानना है कि गांव-देहात में रहने वाले युवा प्रतिभा और क्षमता के मामले में किसी से कम नहीं हैं। इसके बावजूद अवसरों की कमी के कारण वे अक्सर प्रतिस्पर्धा की दौड़ में पीछे रह जाते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने ‘गांव से ग्लोबल’ अभियान शुरू किया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवेश में रहने वाले लड़के-लड़कियों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ना है और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय तथा वैश्विक मंच तक पहुंचाना है।


उन्होंने कहा कि युवाओं का कौशल निखारना और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना ही उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य है। उनका प्रयास है कि अधिक से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए, ताकि वे न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।