सीपीआई नेता कुलविंदर सिंह उड्डत ने सरकार की नीतियों पर साधा निशाना, ड्रग्स सप्लाई और प्रशासनिक भूमिका को लेकर लगाए गंभीर आरोप
पंजाब। खबर है कि मानसा में नशे की समस्या को लेकर एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सीपीआई के प्रदेश नेता एडवोकेट कुलविंदर सिंह उड्डत ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि राज्य में ड्रग्स के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम महज दिखावा बनकर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे का प्रसार पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है और इसे रोकने के लिए ठोस कार्रवाई के बजाय केवल राजनीतिक बयान दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब में ड्रग्स का छठा दरिया बेरोकटोक बह रहा है और मौजूदा सरकार के शासनकाल में इसकी सप्लाई बड़े स्तर पर बढ़ी है। उनके अनुसार, यह स्थिति पहले की सरकारों से भी अधिक चिंताजनक हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चोर, लुटेरे और असामाजिक तत्वों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे खुलेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जबकि पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
एडवोकेट उड्डत ने विशेष रूप से सरदूलगढ़ हलके के गांवों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। नशे के आदी युवा आम लोगों के लिए खतरा बन गए हैं और खुलेआम घूमते नजर आते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अब ड्रग्स की सप्लाई घर-घर तक पहुंच रही है और इसमें बड़ी संख्या में युवतियों की भी भागीदारी बढ़ गई है, जो एक गंभीर सामाजिक संकेत है।
उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों के बढ़ते प्रभाव के कारण आम लोगों में भय का माहौल है। स्थिति यह हो गई है कि लोग अपने खेतों की मोटरों के स्टार्टर और अन्य सामान को चोरी से बचाने के लिए घरों में रखने को मजबूर हो गए हैं। यह कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
कुलविंदर सिंह उड्डत ने आरोप लगाया कि सरकार ड्रग तस्करों और पुलिस प्रशासन के कथित गठजोड़ को तोड़ने के बजाय केवल प्रचार और दिखावे में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के नेता और कुछ अधिकारी ड्रग्स से होने वाली अवैध कमाई के कारण लाभान्वित हो रहे हैं, जबकि आम जनता को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं।
उन्होंने अंत में कहा कि मौजूदा हालात में पंजाब के आम लोगों का जीवन कठिन हो गया है और सरकार को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर गंभीरता से कार्रवाई करे, ताकि राज्य को नशे के दुष्चक्र से बाहर निकाला जा सके।