मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए, मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा

चेन्नई। तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में स्थित एक औद्योगिक इकाई में रविवार को अमोनिया गैस के रिसाव से बड़ा हादसे की खबर आई। खबर आई कि इस दुर्घटना में कई महिला श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में अन्य कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।

खबर के मुताबिक यह जानकारी आई कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस दौरान फैक्ट्री में 100 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे। अचानक गैस रिसाव होने के बाद कई श्रमिकों को सांस लेने में दिक्कत, चक्कर और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगीं। देखते ही देखते बड़ी संख्या में कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ गई। स्थिति गंभीर होते ही फैक्ट्री परिसर में मौजूद अन्य कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और प्रभावित लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

अधिकारियों के अनुसार मृतकों में सभी महिलाएं हैं। अस्पताल में भर्ती अन्य श्रमिकों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, राजस्व विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। प्रशासन ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित इकाई में समुद्री खाद्य उत्पादों, विशेष रूप से झींगा प्रसंस्करण का कार्य किया जाता था। गैस रिसाव की घटना के बाद श्रमिकों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों ने फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों के पालन और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

हादसे को गंभीरता से लेते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने तीन सदस्यीय जांच समिति के गठन का आदेश दिया है। इस समिति में औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक को शामिल किया गया है।

सरकार ने समिति को 24 घंटे के भीतर अंतरिम रिपोर्ट और तीन दिनों के भीतर विस्तृत अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने संबंधित मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल तिरुवल्लुर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।

राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा प्रभावित अन्य श्रमिकों के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि का भी ऐलान किया गया है। प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि गैस रिसाव किन परिस्थितियों में हुआ और क्या सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक हुई थी।