विरुधुनगर के कट्टनरपटी इलाके में विस्फोट, फैक्ट्री के कई कमरे ढहे और अंदर काम कर रहे लोग चपेट में आए
सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली
तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। कट्टनरपटी क्षेत्र में मौजूद इस फैक्ट्री में अचानक हुए धमाके के कारण भारी जनहानि हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। विस्फोट इतना ताकतवर था कि फैक्ट्री के कई कमरे पूरी तरह ध्वस्त हो गए और आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा।
घटना के समय फैक्ट्री परिसर में करीब 30 कर्मचारी मौजूद थे, जो अलग-अलग कमरों में काम कर रहे थे। धमाके के बाद चारों तरफ अफरातफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और राहत टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने में करीब एक घंटे का समय लगा, जिसके बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभी भी कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
इस हादसे पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला प्रशासन को भी निर्देशित किया गया है कि घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों की सहायता में कोई कमी न रहे।
धमाके में घायल हुए लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही है। वहीं, प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्य तेजी से जारी है।
हालांकि, हादसे की असली वजह का अभी तक आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल सका है, लेकिन शुरुआती तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण यह विस्फोट हुआ हो सकता है। अधिकारियों ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि दुर्घटना के कारणों का सही पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, प्रशासन का पूरा ध्यान बचाव कार्य और घायलों के उपचार पर केंद्रित है, जबकि प्रभावित परिवारों के बीच शोक और दर्द का माहौल बना हुआ है।

