- तीखी राजनीति के बीच संवाद का दुर्लभ पल सामने आया। संसद परिसर में हुई बातचीत ने बदला माहौल का रंग
नई दिल्ली। शनिवार को संसद परिसर में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने राजनीतिक गलियारों के साथ आम लोगों का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आमतौर पर एक-दूसरे पर तीखी टिप्पणी करने वाले सत्ता पक्ष और विपक्ष के शीर्ष नेताओं के बीच इस बार सहज और शांत बातचीत देखने को मिली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब अपने वाहन से उतरकर कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रहे थे, तभी उनकी मुलाकात लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से हुई। दोनों नेता कुछ समय के लिए वहीं रुक गए और आपस में बातचीत करने लगे। इस दौरान उनके हावभाव और शारीरिक भाषा से साफ था कि संवाद पूरी गंभीरता और सहजता के साथ हो रहा है।
यह दृश्य इसलिए भी खास रहा क्योंकि आमतौर पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच कड़ा राजनीतिक टकराव देखने को मिलता है। ऐसे माहौल में दोनों प्रमुख नेताओं के बीच यह अनौपचारिक बातचीत एक अलग संदेश देती नजर आई। आसपास मौजूद अन्य लोग भी इस क्षण को देखने के लिए ठहर गए, जिससे यह पल और भी यादगार बन गया।
इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं। कई लोगों ने इसे लोकतंत्र में स्वस्थ संवाद का सकारात्मक संकेत बताया।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य लोग शामिल हुए, जिन्होंने फुले के सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और पूर्व उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह समेत कई अन्य नेता मौजूद थे।
अलग-अलग विचारधाराओं के नेताओं की एक साथ उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।