पहले प्रशांत किशोर के समर्थन की चर्चा करने वाली कांग्रेस अब खुद सीट पर दावेदारी जता रही है
पटना : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनावी मुकाबले से पहले ही महागठबंधन के भीतर सीट को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। पहले कांग्रेस के कुछ नेताओं की ओर से जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के समर्थन की बात कही जा रही थी, लेकिन अब कांग्रेस ने खुद इस सीट पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है। दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी साफ कर दिया है कि वह बांकीपुर से अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगा।
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बांकीपुर सीट पर पार्टी का स्वाभाविक दावा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में राजद प्रत्याशी को करीब 44 हजार वोट मिले थे और विपक्ष में सबसे मजबूत जनाधार राजद के पास है। ऐसे में पार्टी इस सीट से अपना उम्मीदवार उतारेगी।
उधर, कांग्रेस ने बांकीपुर को अपनी परंपरागत सीट बताते हुए दावा और मजबूत कर दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि इंडिया गठबंधन में सीटों का फैसला सभी सहयोगी दलों की सहमति से होना चाहिए। यदि कोई दल सहयोगियों से चर्चा किए बिना उम्मीदवार घोषित करता है तो यह गठबंधन की भावना के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस सीट पर पूरी मजबूती से अपनी दावेदारी रखेगी।
महागठबंधन के भीतर बढ़ती बयानबाजी पर भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) ने भी विपक्ष को घेरा। भाजपा प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि विपक्ष की लड़ाई भाजपा से नहीं, बल्कि उसके अपने सहयोगी दलों के बीच चल रही है। जनसुराज, राजद और कांग्रेस अलग-अलग रणनीति अपना रहे हैं, जिससे विपक्ष की एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं जदयू प्रवक्ता महेश दास ने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव यूरोप दौरे पर हैं और कांग्रेस पहले से ही बिखरी हुई है, ऐसे में महागठबंधन के भीतर आपसी टकराव स्वाभाविक है।
फिलहाल राजद और भाजपा, दोनों ने अपने अधिकृत उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए हैं। भाजपा की ओर से अजय आलोक, प्रो. रणवीर नंदन और नील रतन घोष के नाम संभावित दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर से किया जाएगा। नितिन नबीन इस सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं और उनके इस्तीफे के बाद ही यह सीट रिक्त हुई है।
इस बीच प्रशांत किशोर पहले ही बांकीपुर से चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि महागठबंधन साझा उम्मीदवार उतारता है या सीट पर बहुकोणीय मुकाबला बिहार की राजनीति को नया मोड़ देता है।
