दिल्ली-एनसीआर के 100 कारीगरों और शिल्पकारों को मिला 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का आमंत्रण
नई दिल्ली : अपने हुनर और मेहनत से पारंपरिक शिल्प को जीवित रखने वाले कारीगर इस बार लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक समारोह के खास मेहमान बनने जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जुड़े दिल्ली-एनसीआर के 100 लाभार्थियों को 15 अगस्त को लाल किले में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। लाभार्थी अपने जीवनसाथी या साथी के साथ इस राष्ट्रीय समारोह में शामिल होंगे।
विशेष अतिथियों में विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़ी महिला शिल्पकार भी शामिल हैं। सरकार के मुताबिक यह आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के साथ देश की समृद्ध शिल्पकला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करता है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल उन्नयन, आधुनिक उपकरण, वित्तीय सहायता, डिजिटल सशक्तिकरण और बाजार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराना है। योजना का लक्ष्य पारंपरिक शिल्प को मजबूती देने के साथ कारीगरों का सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करना है। इसके तहत अब तक 30 लाख पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों का पंजीकरण किया गया है।
लाल किले के समारोह के लिए आमंत्रित लाभार्थी पीएम विश्वकर्मा योजना में शामिल 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े हैं। इनमें दर्जी, बढ़ई, सुनार, लोहार और ताला बनाने वाले कारीगर समेत अन्य पारंपरिक पेशों के लोग शामिल हैं। इन लाभार्थियों ने योजना के तहत पंजीकरण, बुनियादी कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट और दूसरी उपलब्ध सहायता का लाभ लिया है।
सरकार की इस पहल के जरिए स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय मंच पर देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के योगदान को सम्मान मिलेगा। लाल किले में उनकी मौजूदगी उन्हें 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का साक्षी बनने के साथ इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय उत्सव का हिस्सा बनने का अवसर भी देगी।
