मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ, कहा- भारत की गति को प्रगति में बदलेगी भारत टैक्सी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए टैक्सी चालकों और किसानों के लिए दो बड़े कदम उठाए। भारत टैक्सी से टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालक रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर जुड़ सकेंगे। उन्हें पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी। वहीं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता की कमान किन हाथों में है, सफलता उसी पर निर्भर करती है। अच्छा नेतृत्व सहकारिता को समृद्धि का माध्यम बनाता है, जबकि गलत नेतृत्व इसे अराजकता की ओर ले जा सकता है। आजादी के बाद पहली बार देश में अलग सहकारिता मंत्रालय बना और अब इसके परिणाम सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों के बारे में पहले कोई नहीं सोचता था। अब वे रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे और पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पाएंगे। सामाजिक सुरक्षा मिलने से चालक निश्चिंत होकर जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर सकेगा। जब कोई व्यक्ति अपनी गाड़ी पर भारत टैक्सी लिखाएगा तो उसके मन में गौरव की अनुभूति होगी। भारत टैक्सी केवल यात्रियों को ढोने वाली टैक्सी नहीं है। यह पूरे भारत की टैक्सी है, जो भारत की गति को प्रगति में बदलने का काम करेगी। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में इसका संचालन शुरू किया गया है। लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू भी हुए हैं।

सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले लोग टैक्सी में बैठते थे, थ्री-व्हीलर में बैठते थे तो किराया नहीं देते थे। पता चलता था कि सत्ताधारी दल से जुड़े गुंडे टैक्सी में बैठे थे। वे टैक्सी चालक को मारकर फेंक देते थे और टैक्सी लेकर गायब हो जाते थे। जितनी चोरी की गाड़ियां होती थीं, उन्हें मेरठ में स्क्रैपिंग किया जाता था और चेसिस बदल दी जाती थी। 2017 से पहले टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और फोर-व्हीलर की बात तो छोड़िए, यदि कोई भैंसा गाड़ी से जा रहा हो और थोड़ी देर के लिए चाय पीने या यूरिनल जाने के लिए उतर जाए तो वापस आने पर भैंसा गायब मिलता था और केवल काठ की बोगी बचती थी। टैक्सी कहीं खड़ी की तो पता लगता था कि टायर ही गायब हो गए। यही उत्तर प्रदेश की वास्तविक स्थिति थी। सड़कों की हालत ऐसी थी कि पता ही नहीं चलता था कि गड्ढा सड़क में है या सड़क गड्ढे में।

मुख्यमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लाखों नौजवान रैपिडो के माध्यम से अपनी बाइक पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित संगम तक पहुंचा रहे थे। संगम से रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में भी उनका योगदान रहा। इससे यातायात बाधित नहीं हुआ और लोगों को आसानी से आवागमन की सुविधा मिली। उन्होंने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से ग्रामीण बस सेवा को भी भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाने को कहा, क्योंकि इससे लाखों नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

सीएम योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी है। एक्सप्रेसवे में उत्तर प्रदेश का शेयर देश में 60 प्रतिशत से अधिक है। इंटरस्टेट कनेक्टिविटी फोर लेन के साथ जुड़ी है। जिला मुख्यालय फोर लेन से जुड़े हैं। गांव-गांव की सड़कें बेहतर बनी हैं। यह परिवर्तन बेहतर यात्रा के लिए भी है और टैक्सी चालक, थ्री-व्हीलर चालक तथा टू-व्हीलर चालक के लिए भी सुरक्षित है। हर व्यक्ति ऐसे माहौल में आगे बढ़ता है। अब कर्फ्यू नहीं लगता और दंगा नहीं होता। अब कोई चोरी नहीं कर सकता, क्योंकि प्रदेश में 14 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कहीं चोरी हुई तो अगले चौराहे पर चोरी करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था है।

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था। इसे अब घटाकर छह प्रतिशत कर दिया गया है। खेती-बाड़ी और मशीनरी के लिए किसानों को पैसे की कमी न हो, इसके लिए दीर्घकालिक ऋण की व्यवस्था की गई है। आगामी कुछ वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है। अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो भारत खुशहाल होगा। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो भारत समृद्ध होगा। सहकारिता क्षेत्र जितना मजबूत होगा, देश भी उतना ही मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद 86 लाख लघु और सीमांत किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफ किए गए। दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को पूरा होने में करीब 50 वर्ष लगे। अर्जुन सहायक, बाणसागर और मध्य गंगा जैसी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया। पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल वाले किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। नहर और सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई भी मुफ्त है।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें चल रही हैं। इनमें 100 से अधिक मिलें चौथे दिन गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने 29 चीनी मिलें बंद की थीं और इनमें से 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया था। किसानों को बीज से बाजार तक सुविधा देने के लिए काम किया गया है। पैक हाउस बने, फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगीं और एफपीओ के गठन के साथ कृषि विज्ञान केंद्रों से तकनीकी सहयोग दिया गया। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के वेयरहाउस भी तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के 16 सहकारी बैंक निष्क्रिय हो चुके थे और उनके लाइसेंस जब्त हो गए थे। इनमें किसानों के हजारों करोड़ रुपये जमा थे। अब 16 में से 15 बैंक फिर मुनाफे में आ चुके हैं। एक अन्य बैंक को भी बेहतर करने पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि पैक्स को पहले 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की सुविधा दी गई थी, जिसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। सहकारिता से 54 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। किसानों को समय पर खाद, कीटनाशक और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के ई-पोर्टल, सहकारिता विभाग के उर्वरक सेतु मोबाइल एप व उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर के मोबाइल एप यूपीसीडीसी का भी शुभारंभ किया। सीएम ने पांच सारथियों को भारत टैक्सी के शेयर प्रमाण पत्र और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के पांच लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे। भारत टैक्सी के सीईओ कर्नल हिमांशु और अडानी एयरपोर्ट लखनऊ के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव मोहन ने विभिन्न संस्थाओं के साथ हुए एमओयू का आदान-प्रदान किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी, केंद्रीय सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल समेत अतिथियों ने फ्लैग ऑफ कर भारत टैक्सी को रवाना किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर, परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति डॉ. विवेक कुमार सिंह तोमर, केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव पंकज कुमार बंसल, भारत टैक्सी के उपाध्यक्ष रोहित गुप्ता समेत जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण मौजूद रहे।