गांधी मैदान में हुए भव्य समारोह में प्रधानमंत्री मोदी समेत कई दिग्गज रहे मौजूद, कई नए चेहरों को मिला मौका

स्टेट ब्यूरो, बिहार

बिहार की राजनीति में बुधवार का दिन बेहद अहम रहा, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में कुल 32 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे।

समारोह की सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की रही, जिन्होंने पहली बार मंत्री पद की शपथ ली। राजनीतिक गलियारों में इसे जदयू की नई पीढ़ी की औपचारिक एंट्री के तौर पर देखा जा रहा है। गांधी मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मंच पर मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना एयरपोर्ट से सड़क मार्ग के जरिए गांधी मैदान पहुंचे। रास्ते भर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। कई जगहों पर पुष्प वर्षा की गई और समर्थकों ने प्रधानमंत्री के समर्थन में नारे लगाए। पूरे कार्यक्रम को एनडीए के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया।

नई कैबिनेट में भाजपा के 15, जदयू के 13, लोजपा (रामविलास) के 2, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा का 1 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा का 1 मंत्री शामिल किया गया है। सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने रहेंगे, जबकि विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को डिप्टी मुख्यमंत्री बनाया गया है।

भाजपा कोटे से राम कृपाल यादव, केदार गुप्ता, नीतीश मिश्रा, मिथिलेश तिवारी, रमा निषाद, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, प्रमोद चंद्रवंशी, लखेन्द्र पासवान, संजय टाइगर, इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र, नंद किशोर राम, रामचंद्र प्रसाद, अरुण शंकर प्रसाद और श्रेयसी सिंह को मंत्रिमंडल में जगह मिली है।

जदयू की ओर से निशांत कुमार, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार, जमा खान, भगवान सिंह कुशवाहा, शीला मंडल, दामोदर राउत, बुलो मंडल, रत्नेश सदा और श्वेता गुप्ता को मंत्री बनाया गया है।

इस मंत्रिमंडल विस्तार में सामाजिक और जातीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है। पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित, सवर्ण और अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को प्रतिनिधित्व देकर एनडीए ने व्यापक सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। कोइरी, कुर्मी, भूमिहार, राजपूत, दलित, मल्लाह, धानुक, वैश्य और अल्पसंख्यक वर्गों से जुड़े नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया गया है।

नई सरकार में 19 पुराने चेहरों को दोबारा मौका मिला है, जबकि 13 नए नेताओं को पहली बार मंत्री बनाया गया है। मिथिलेश तिवारी, श्वेता गुप्ता, बुलो मंडल, नंद किशोर राम, कुमार शैलेन्द्र और रामचंद्र प्रसाद जैसे कई नेता पहली बार मंत्री बने हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति का भी हिस्सा है। बिहार में बदलते सियासी समीकरणों के बीच एनडीए यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि गठबंधन पूरी मजबूती और सामाजिक संतुलन के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर चुका है।