गृह मंत्री अमित शाह ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया

नई दिल्ली। बर्फ से ढकी पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन की आस लेकर हर साल लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। कठिन पहाड़ी रास्तों, बदलते मौसम और सुरक्षा चुनौतियों के बीच यह यात्रा केवल आस्था का नहीं, बल्कि बड़े प्रशासनिक और सुरक्षा प्रबंधन का भी महत्वपूर्ण परीक्षण मानी जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव, थलसेना प्रमुख, इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक, जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों तथा केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में आगामी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस वर्ष श्री अमरनाथ जी यात्रा 3 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित की जाएगी।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अमरनाथ यात्रा पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और यात्रा के लिए एकीकृत तथा अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए।

गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने यात्रा मार्ग और संवेदनशील स्थलों पर ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी कैमरे, अत्याधुनिक सर्विलांस सिस्टम और अन्य तकनीकी संसाधनों को प्रभावी रूप से तैनात करने पर जोर दिया। साथ ही पारंपरिक सुरक्षा तंत्र को भी और मजबूत बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में यात्रा मार्ग पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त तैनाती के माध्यम से मल्टी लेयर सुरक्षा ग्रिड विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। गृह मंत्री ने कहा कि यात्रा के दौरान विभिन्न सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शिविर स्थलों पर लगातार मौजूद रहकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी करें।

श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। अमित शाह ने निर्देश दिया कि यात्रा पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं, संचार व्यवस्था और आपदा प्रबंधन सहित सभी जरूरी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी परिस्थिति में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी एजेंसियां पहले से तैयारी रखें।

गृह मंत्री ने मौसम की चुनौती को भी गंभीरता से लेने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिया कि मौसम की वास्तविक स्थिति और पूर्वानुमान के आधार पर ही श्रद्धालुओं के जत्थों को आगे बढ़ाया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। इसके साथ ही अमरनाथ यात्रा मार्ग के अलावा जम्मू-कश्मीर के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए, जिससे श्रद्धालु और पर्यटक सुरक्षित माहौल में यात्रा और पर्यटन का आनंद ले सकें।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों और सेवा देने वाले पशुओं का पंजीकरण किया जाएगा। उनके लिए क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र जारी किए जाएंगे, जिससे पहचान और निगरानी व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सके। पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

केंद्र सरकार का मानना है कि अमरनाथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम है। इसी कारण इस बार सुरक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य सुविधाओं और आपदा प्रबंधन को एक साथ जोड़कर व्यापक तैयारी की जा रही है, ताकि बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, सुगम और यादगार बन सके।