परिजनों ने लगाया लापरवाही और हत्या का आरोप, जांच में जुटी पुलिस

गणेश धर द्विवेदी 

देवरिया जिला कारागार में निरुद्ध एक 80 वर्षीय विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान कुशीनगर जिले के चौराखास थाना क्षेत्र अंतर्गत भटवा गांव निवासी हकीक अंसारी (पुत्र मुहम्मदिन) के रूप में हुई है। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर इलाज में घोर लापरवाही और हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।

​जानकारी के मुताबिक, हकीक अंसारी अपने भाई रफीक अंसारी के साथ धोखाधड़ी, कूटरचना और जमीन से जुड़े एक मामले में बीते 26 जुलाई 2026 से देवरिया जिला कारागार में बंद थे। परिजनों के अनुसार, वह लंबे समय से उच्च रक्तचाप (बीपी) और मधुमेह (शुगर) जैसी बीमारियों से ग्रसित थे। जेल जाने के बाद से ही उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी।

अस्पताल में जुटे परिजन।

मृतक के बेटे मिराज और अन्य परिजनों ने लगाया है कि जब वे हकीक अंसारी की नियमित दवाएं देने के लिए जेल पहुंचे, तो अधिकारियों ने यह कहते हुए दवाएं लेने से मना कर दिया कि जेल अस्पताल में ही उनका समुचित इलाज किया जाएगा।

गुरुवार सुबह करीब 11 बजे जेल परिसर के भीतर हकीक अंसारी की हालत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। जेल चिकित्सक द्वारा प्राथमिक उपचार दिए जाने के बावजूद स्थिति गंभीर बनी रही। इसके बाद दोपहर लगभग 2 बजे उन्हें महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

​मौत की सूचना पर अस्पताल पहुंचे परिजनों ने जमकर हंगामा किया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के नतीजों और मामले की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।