हजारीबाग जिला के विष्णुगढ़ की घटना को लेकर झारखंड के राज्यपाल से अंबा प्रसाद ने मुलाकात कर राज्य में महिला आयोग को क्रियाशील बनाने का किया अनुरोध
कौस्तुभ कुमार मलयज
झारखंड के हजारीबाग जिला अंतर्गत विष्णुगढ़ में गत दिनों 12 वर्षीय बालिका के साथ हुए अत्यंत जघन्य अपराध की घटना ने राज्य में महिला आयोग के गठन की मांग को बल दे दिया है। कारण वर्षों से राज्य में महिला आयोग का गठन ही नहीं किया गया है। वर्तमान सरकार ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। लेकिन उक्त घटना ने एक बार फिर महिला आयोग के गठन की आवाज को बुलंद कर दिया है।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने राज्य के राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर राज्य में महिला आयोग को सक्रिय और क्रियाशील बनाने का अनुरोध किया है।
इसके साथ ही उन्होंने उक्त विभत्स घटना की जानकारी देते हुए राज्यपाल को बताया कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद हजारीबाग जिला एवं पुलिस प्रशासन ने किसी प्रकार की न ही कार्रवाई की और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी की, इससे जनता आक्रोश व्याप्त हो रहा है। राज्यपाल से मुलाकात के दौरान पूर्व विधायक ने ज्ञापन सौंपकर पुलिस प्रशासन के नाकामी को देखते हुए अपराध के अनुसंधान को सीबीआई को सौंपने तथा पीड़ित परिवार को मुआवजा और पुनर्वासन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
अंबा प्रसाद ने राज्यपाल को अवगत कराते हुए कहा कि यह घटना दिल्ली के निर्भया कांड से भी दर्दनाक एवं घृणित है, पुलिस प्रशासन की नाकामी व असंवेदनशीलता आम लोगों की सुरक्षा पर सवालिया निशान है। पुलिस प्रशासन द्वारा आम लोगों के हित में कोई कार्य नहीं किया जा रहा है।
राज्यपाल से पूर्व विधायक ने इस घटना पर व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि विष्णुगढ़ थाना अंतर्गत कांड संख्या 42/2026 में मृतका पीड़िता के साथ हुए जघन्य अपराध के इतने दिन बीत जाने के बाद भी हजारीबाग पुलिस अपराधियों का कोई सुराग लगाने में विफल रही है। यह स्थिति जिला पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। महिला सम्मान और सुरक्षा का वादा करने वाली राज्य सरकार से जनता न्याय की आस लगाए बैठी है। हजारीबाग पुलिस की वर्तमान कार्यशैली से ऐसा प्रतीत होता है कि या तो वे इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, या फिर वास्तविक तथ्यों को उच्च स्तर तक पहुँचने से रोका जा रहा है
यह अत्यंत चिंताजनक है कि इतने जघन्य अपराध के दोषियों का पता लगाने में भी पुलिस अब तक असमर्थ रही है। ऐसी व्यवस्था से आम जनमानस का भरोसा डगमगा रहा है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव पूर्व विधायक अंबा ने इस प्रकरण में अविलंब व्यक्तिगत हस्तक्षेप करते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने, कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले हजारीबाग पुलिस अधीक्षक का स्थानांतरण कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करने, संबंधित डीएसपी एवं विष्णुगढ़ थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उचित जाँच करने, मामले की गंभीरता और स्थानीय पुलिस की विफलता को देखते हुए, इस कांड का अनुसंधान CBI से कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने समेत पीड़िता के परिवार को मुआवजा एवं पुनर्वास प्रदान करने का अनुरोध किया है। महामहिम राज्यपाल महोदय ने पूर्व विधायक अंबा प्रसाद की बातों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए आवश्यक दिशा निर्देश देने का भरोसा दिलाया है