ऑपरेशन नया सवेरा 2.0 : सुबह-सुबह चार थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी कर 16 नाबालिगों को कराया गया मुक्त


बिहार : मोतिहारी में जिला पुलिस ने मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े एक संगठित गिरोह पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क को हिला कर रख दिया है। ‘ऑपरेशन नया सवेरा 2.0’ के तहत की गई इस विशेष कार्रवाई में पुलिस ने 16 नाबालिग बच्चियों को मुक्त कराया और ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रमों की आड़ में चल रहे अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया। इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।

इस ऑपरेशन की शुरुआत उच्च स्तर से मिले निर्देशों के बाद हुई। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और एडीजी (कमजोर वर्ग) डॉ. अमित जैन की ओर से मिले कड़े निर्देशों के बाद जिला पुलिस पूरी तरह सक्रिय हुई। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विस्तृत और गोपनीय योजना तैयार की गई, ताकि इस गिरोह पर एक साथ कई जगहों पर कार्रवाई कर उसे पूरी तरह तोड़ा जा सके।

5 अप्रैल की सुबह, जब जिले में सामान्य गतिविधियां भी शुरू नहीं हुई थीं, उसी समय पुलिस की विशेष टीमों ने एक साथ चार थाना क्षेत्रों-ढाका, चिरैया, पताही और पचपकड़ी में दबिश दी।

पकड़ीदयाल एसडीपीओ कुमार चंदन और एएचटीयू प्रभारी सर्वेन्द्र कुमार सिन्हा के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई ने आरोपियों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर इन ठिकानों पर छापेमारी की और मौके से कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

जब पुलिस टीम ऑर्केस्ट्रा संचालकों के ठिकानों के भीतर पहुंची, तो वहां का माहौल बेहद चिंताजनक था। मनोरंजन के नाम पर आयोजित इन कार्यक्रमों के पीछे नाबालिग बच्चियों का शोषण किया जा रहा था। सबसे अधिक 12 बच्चियों को पताही क्षेत्र से मुक्त कराया गया, जबकि पचपकड़ी और ढाका से 2-2 किशोरियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह स्पष्ट संकेत है कि यह धंधा अलग-अलग स्थानों पर फैले एक संगठित नेटवर्क के तहत चल रहा था।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें पचपकड़ी का प्रेम कुमार, पताही के विकेश और नवीन साह, चिरैया का राजू तिवारी, पकड़ीदयाल का राज कुमार और कोलकाता का रहने वाला मनू खान शामिल हैं। पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए आरोपियों के मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके।

इस पूरे अभियान में पुलिस के साथ-साथ सामाजिक संगठनों का भी अहम योगदान रहा। दिल्ली स्थित मुक्ति फाउंडेशन, रेस्क्यू फाउंडेशन और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीमों ने इस ऑपरेशन में तकनीकी और रणनीतिक सहयोग दिया। वहीं, फील्ड में ढाका थानाध्यक्ष राजरूप राय, पताही थानाध्यक्ष बबन कुमार, पचपकड़ी थानाध्यक्ष पूजा कुमारी और महिला थानाध्यक्ष मोना कुमारी ने अपनी टीम के साथ सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा सका।

रेस्क्यू की गई सभी 16 बच्चियों को फिलहाल सुरक्षित कस्टडी में रखा गया है और उनकी काउंसलिंग की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि इन बच्चियों के पुनर्वास के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि वे सामान्य जीवन में लौट सकें।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ‘ऑपरेशन नया सवेरा 2.0’ सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक व्यापक अभियान की शुरुआत है। अब उन रास्तों और तंत्र की पहचान की जा रही है, जिनके जरिए बच्चियों को इस नेटवर्क में लाया जाता था। मोतिहारी पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि जिले में इस तरह के अपराधों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।