टेट की अनिवार्यता समाप्त करने एवं शिक्षक-कर्मचारी विरोधी नीतियों से नाराज शिक्षक हुए लामबंद

देवरिया। टेट की अनिवार्यता समाप्त करने एवं शिक्षक-कर्मचारी विरोधी नीतियों से नाराज लामबंद शिक्षकों ने मशाल जूलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के आह्वान पर सोमवार को तय कार्यक्रम के तहत सोमवार को शिक्षक भवन से मशाल जूलूस शुरू होकर, जिला पंचायत परिसर, डीएम कार्यालय गेट, कचहरी चौराहा, सिविल लाईन होते होते हुए सुभाष चौक पहुंचा, जहां सभा कर शिक्षक नेतओं ने विरोध दर्ज कराया।

नेताओं ने कहा कि सरकार लगातार शिक्षकों एवं कर्मचारियों पर अनावश्यक एवं अव्यवहारिक नियम थोप रही है। इससे उनका मनोबल गिर रहा है। टेट की अनिवार्यता, पेंशन समाप्ति, बढ़ता निजीकरण और सेवा शर्तों में लगातार हो रहे बदलाव जैसे मुद्दे आज पूरे शिक्षक एवं कर्मचारी समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं।

महासंघ के प्रदेश संयोजक व उत्तर प्रदेश बीटीसी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि इस मशाल जुलूस में जनपद के विभिन्न ब्लाक के शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सरकार के खिलाफ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।

पूर्व माध्यमिक जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह एवं महामंत्री नन्द लाल प्रसाद ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र का निर्माता होता है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उसके सम्मान और अधिकारों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। सरकार टेट की अनिवार्यता को तत्काल समाप्त करे।

विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष विज्ञानं सिंह एवं जिला महा मंत्री मनोज़ मिश्र ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक संगठन, एक जनपद, एक प्रदेश या एक वर्ग का नहीं, बल्कि समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी समुदाय की है।

जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष हेमा त्रिपाठी एवं महामंत्री फणीद्र मणि ने कहा की आज के इस मशाल जुलूस के माध्यम से सरकार को यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि यदि शीघ्र ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो मई माह के प्रथम सप्ताह लखनऊ में विधान सभा का घेराव करते हुए एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा जो और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप में होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

अटेवा के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश कुशवाहा एवं महामंत्री मदन गौंड ने कहा कि आज का यह प्रदर्शन शिक्षकों एवं कर्मचारियों की एकता और संघर्ष का प्रतीक है, जिसने यह साबित कर दिया है कि अपने अधिकारों के लिए सभी एकजुट हैं और किसी भी परिस्थिति में हम सब पीछे हटने वाले नहीं हैं।

इस दौरान उपेंद्र उपाध्यक्ष, सुरेश दीक्षित, अशोक मल्ल, शेलेन्द्र नाथ चौवे,उत्तर उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष गेना यादव, विसुंदेव प्रसाद,मनोज़ गुप्ता, बिचडी, नरेंद्र सिंह, असरफ अली, आनंद, हरेन्द्र यादव, सुमन, चौहान, सुमन मिश्रा, सवेता, अमर नाथ, नवनात मौर्य सहित हजारों शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।