राष्ट्रपति ने रोगियों और वाहकों की पहचान के साथ बेहतर स्वास्थ्य देखभाल पर दिया जोर। मध्य प्रदेश की "सिकल मित्र" पहल को जागरूकता का प्रभावी माध्यम बताया
मध्य प्रदेश : सिकल सेल जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी के खिलाफ भारत की लड़ाई लगातार मजबूत होती जा रही है। इसी दिशा में देश की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत सात करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग पूरी कर ली गई है, जो दुनिया में आनुवंशिक रोगों की जांच-परख से जुड़ी सबसे बड़ी पहलों में से एक है। राष्ट्रपति शुक्रवार को मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
राष्ट्रपति ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण चुनौती से निपटने के लिए आयोजित यह कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत निर्धारित स्क्रीनिंग लक्ष्य को तय समय से पहले पूरा कर लिया गया है। नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष तक की आयु के लगभग सात करोड़ लोगों की जांच किया जाना देश के स्वास्थ्य तंत्र की बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि मिशन मोड में चलाए गए व्यापक स्क्रीनिंग अभियान का ही परिणाम है कि अब तक करीब ढाई लाख लोगों में सिकल सेल रोग की पहचान की जा चुकी है। इसके अलावा 20 लाख से अधिक ऐसे लोगों को भी चिह्नित किया गया है जो इस बीमारी के वाहक हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि वाहकों की इतनी बड़ी संख्या भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों की ओर संकेत करती है, इसलिए उनके प्रति विशेष जागरूकता और निगरानी की आवश्यकता है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने सिकल सेल रोगियों और वाहकों की पहचान करने के साथ-साथ उनकी समुचित स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि केवल रोग की पहचान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावित लोगों तक समय पर चिकित्सा सुविधा और परामर्श पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य ने 17 सितंबर से 2 अक्तूबर 2025 तक संचालित "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान" के दौरान चार लाख से अधिक महिलाओं की सिकल सेल स्क्रीनिंग कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। यह प्रयास सिकल सेल उन्मूलन के राष्ट्रीय अभियान को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पिछले वर्ष विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर शुरू की गई "सिकल मित्र" पहल भी सराहनीय है। इस अभियान के तहत जागरूकता बढ़ाने और रोगियों को सहयोग उपलब्ध कराने के लिए सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों तथा एनसीसी कैडेट्स को प्रशिक्षित किया गया है। इससे समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है।
राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्यों के समन्वित प्रयास, जनभागीदारी तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती जागरूकता के बल पर भारत वर्ष 2047 की निर्धारित समय-सीमा से काफी पहले सिकल सेल संबंधी रोगों के उन्मूलन का राष्ट्रीय लक्ष्य हासिल करने में सफल होगा। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहने चाहिए।
