तनाव बढ़ने के साथ वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल तेज हो गई है और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है


वॉशिंगटन/तेहरान : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के कुछ ही घंटे बाद ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में सिलसिलेवार धमाकों की खबरें सामने आई हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लेकर ओमान की खाड़ी तक फैले कई रणनीतिक शहरों में जोरदार विस्फोट हुए हैं। हमलों के बाद कई स्थानों पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि एयर डिफेंस सिस्टम को भी सक्रिय करना पड़ा।

ईरानी मीडिया के अनुसार, बुशहर, सीरिक, अबू मूसा द्वीप, जास्क द्वीप और चाबहार सहित कई तटीय क्षेत्रों में एक के बाद एक धमाके हुए। ईरान के सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में कम से कम आठ बड़े विस्फोट दर्ज किए गए। वहीं सामरिक दृष्टि से अहम चाबहार और कोनारक में भी करीब दस धमाकों की सूचना है। इन घटनाओं के बाद कई शहरों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जबकि मैरीटाइम ट्रैफिक कंट्रोल टावर को भी भारी नुकसान पहुंचने की खबर है।

इन घटनाओं से पहले नाटो शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात से पहले पत्रकारों से बातचीत में ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी। ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान को अंतिम चेतावनी दे रहे हैं और "आज रात उन पर बहुत करारा हमला होने जा रहा है।" इसके कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी फाइटर जेट और मिसाइलों द्वारा ईरान के दक्षिणी तट को निशाना बनाए जाने के दावे सामने आए।

अमेरिका का कहना है कि इस सैन्य कार्रवाई की वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमले हैं। बीते मंगलवार इस समुद्री मार्ग से गुजर रहे तीन बड़े मालवाहक जहाजों को निशाना बनाया गया था। अमेरिका ने इसके लिए सीधे ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नागरिक जहाजों और उनके चालक दल पर हुए हमलों के लिए ईरान पूरी तरह जिम्मेदार है। अमेरिका का कहना है कि दुनिया के कुल तेल परिवहन का लगभग पांचवां हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है, इसलिए इसकी सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।

दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। ईरान की शीर्ष सुरक्षा संस्था से जुड़ी समाचार एजेंसी नूर न्यूज ने सैन्य सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि तेहरान बड़े पैमाने पर पलटवार की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की योजना बनाई जा रही है। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर पुराने समझौतों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस टकराव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। अमेरिकी हमलों की खबर सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत एक डॉलर प्रति बैरल से अधिक बढ़कर 79.28 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है, जिससे दुनिया भर में महंगाई का नया संकट पैदा होने की आशंका है।