बुशहर पोर्ट, बंदर अब्बास, सिरिक, केश्म आइलैंड और चाबहार तक सुनाई दिए भीषण धमाके


ईरान और अमेरिका के बीच बेहद नाजुक स्थिति में चल रहा सीजफायर एक बार फिर पूरी तरह टूट गया है। वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट को ईरान ने अगली सूचना और अमेरिकी दखल समाप्त होने तक पूरी तरह बंद करने का एलान कर दिया है। इसके बाद अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान पर अब तक के सबसे विनाशकारी हमलों में से एक शुरू कर दिया। खाड़ी क्षेत्र में छिड़े इस भीषण सैन्य टकराव के बीच दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति और सप्लाई चेन को लेकर गंभीर संकट की आशंका बढ़ गई है।

युद्ध की नई चिंगारी रविवार की सुबह उस समय भड़की, जब ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नेवी ने होर्मुज स्ट्रेट को अगली सूचना तक पूरी तरह बंद करने की घोषणा कर दी। ईरान ने साफ किया है कि अमेरिकी दखल समाप्त होने तक यह रास्ता बंद रहेगा। साथ ही ईरान ने इस क्षेत्र को अपने नियंत्रण वाला इलाका बताते हुए यहां से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स यानी शुल्क वसूलने की बात भी कही है।

इस फैसले से पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कथित तौर पर बिना मंजूरी वाले रास्ते से गुजर रहे साइप्रस के एक कमर्शियल कंटेनर जहाज पर गोलियां चलाई थीं। ईरान का दावा है कि जहाज को रोकने के लिए यह कार्रवाई केवल चेतावनी के तौर पर की गई थी।

गोलीबारी की चपेट में साइप्रस का झंडा लगा कंटेनर जहाज एमवी जीएफएस गैलेक्सी आया। हमले में जहाज के इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा और वहां भीषण आग लग गई। इसके बाद जहाज समुद्र के बीच ठप हो गया। घटना के बाद चालक दल का एक नागरिक सदस्य लापता बताया जा रहा है।

इस हमले के साथ ही 10 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से घोषित नाजुक सीजफायर पूरी तरह समाप्त हो गया। ईरान की कार्रवाई के बाद ट्रंप की सख्त चेतावनी सामने आई और अमेरिकी कमांडर-इन-चीफ के तौर पर उन्होंने जवाबी सैन्य कार्रवाई का आदेश दे दिया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM की सेनाओं ने शाम 7 बजकर 15 मिनट ईस्टर्न टाइम पर ईरान के खिलाफ तीसरे दौर के सबसे बड़े हवाई हमले शुरू कर दिए। इसके बाद दक्षिणी ईरान के कई महत्वपूर्ण और रणनीतिक इलाके धमाकों से दहल उठे।

ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, देश के बेहद महत्वपूर्ण बुशहर पोर्ट पर बड़ा हमला हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट के रणनीतिक क्षेत्र में आने वाले बंदर अब्बास में तीन बड़े धमाके सुनाई दिए, जबकि सिरिक में दो विस्फोट हुए। हमलों का दायरा यहीं तक सीमित नहीं रहा। केश्म आइलैंड और चाबहार पोर्ट भी भीषण धमाकों से कांप उठे।

अमेरिकी हमलों की गंभीरता को देखते हुए राजधानी तेहरान में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बड़े हमलों की पुष्टि करते हुए ईरान को चेतावनी दी है कि उसने गलत फैसला किया है और अब उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

अमेरिकी सेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि कमर्शियल जहाजों पर हमले के बाद ईरान को अपनी कार्रवाई सुधारने और समझौते का पालन करने का आखिरी मौका दिया गया था, लेकिन वह इसमें फिर नाकाम रहा। अमेरिका का कहना है कि अब उसकी सेना आम नाविकों और व्यापारिक जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही पर हमला करने की ईरानी क्षमता को पूरी तरह नष्ट करने के लिए कार्रवाई कर रही है।

होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने और उसके बाद शुरू हुए अमेरिकी हमलों से पूरे खाड़ी क्षेत्र में पूर्ण युद्ध जैसी स्थिति बन गई है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज में जारी टकराव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन और कच्चे तेल की आपूर्ति का संकट चरम पर पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।