शीर्ष नेतृत्व बरकरार, नीतीश और संजय झा पर कायम भरोसा

दीपक श्रीवास्तव

बिहार की राजधानी पटना में जनता दल यूनाइटेड ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की नई सूची जारी करते हुए संगठन को नए सिरे से आकार दिया है। इस बार पार्टी ने साफ तौर पर अनुभव और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता दी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम हो रहा है।

पार्टी के शीर्ष स्तर पर किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। नीतीश कुमार राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर पहले ही अपनी भूमिका में हैं, जबकि संजय कुमार झा को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद पर यथावत रखा गया है। यह फैसला नेतृत्व में स्थिरता बनाए रखने और संगठन को एक दिशा में आगे बढ़ाने के संकेत देता है।

बुधवार को जारी सूची में कुल 24 नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, राष्ट्रीय महासचिव, प्रवक्ता और सचिव जैसे अहम पदों पर नियुक्तियां करते हुए पार्टी ने अनुभवी नेताओं को प्रमुखता दी है, ताकि संगठनात्मक मजबूती बनी रहे।

पूर्व सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि गोपालगंज के सांसद आलोक कुमार सुमन को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा 12 नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव के पद पर नियुक्त किया गया है, जिनमें मनीष वर्मा, आफाक अहमद खान, श्याम रजक, अशोक चौधरी, रमेश सिंह कुशवाहा और रामसेवक सिंह जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

महासचिवों की सूची में कहकशां परवीन, कपिल हरिश्चंद्र पाटिल, राज सिंह मान, सुनील कुमार उर्फ इंजीनियर सुनील, हर्षवर्धन सिंह और मौलाना गुलाम रसूल बलियावी को भी जगह दी गई है। पार्टी ने इस सूची के जरिए सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है, जिसमें अल्पसंख्यक और विभिन्न वर्गों के नेताओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है। प्रवक्ता सह सचिव के तौर पर राजीव रंजन प्रसाद को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सचिव पद पर रविंद्र प्रसाद सिंह, विद्यासागर निषाद, दयानंद राय, संजय कुमार, मोहम्मद निसार, रूही तगुंग और निवेदिता कुमारी को मनोनीत किया गया है।

खास बात यह है कि हाल के दिनों में सक्रियता को लेकर चर्चा में रहे नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को इस सूची में जगह नहीं मिली है। उनके नाम को लेकर पहले कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अंतिम सूची में उनका नाम नहीं होने से राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है।