विधानसभा में समर्थन के साथ विकास कार्यों का विस्तृत उल्लेख
स्टेट ब्यूरो, बिहार
सम्राट चौधरी सरकार ने बिहार विधानसभा में गुरुवार को विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव पर जनता दल यूनाइटेड के विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संकल्पों को दोहराते हुए समर्थन की बात कही। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार का विश्वास मत प्रस्ताव पटल पर रखा गया है।
मौके पर विश्वास मत प्रस्ताव के पक्ष में बोलते हुए जनता दल यूनाइटेड के विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने कहा कि इस महत्वपूर्ण सत्र में हमारे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जो विश्वास मत का प्रस्ताव रखा है, उसमें हमारा पूरा समर्थन है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की भावना के अनुरूप जनता दल यूनाइटेड के सभी माननीय विधायक इस प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर मैं अपने विचार रखना चाहता हूं। जब से नीतीश कुमार को बिहार की जनता ने नेतृत्व का अवसर दिया है, तब से उन्होंने लगातार हर क्षेत्र में काम किया है। उन्होंने सभी जाति, सभी धर्म और सभी मजहब के लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ने का कार्य किया है। बिहार की तरक्की और विकास में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने चर्चा करते हुए कहा कि पहले बिहार की स्थिति क्या थी और वर्ष 2005 के बाद बिहार कहां पहुंचा है, यह सबके सामने है। एक समय ऐसा था जब बिहार को अपहरण, चारा घोटाला और जंगल राज का पर्याय समझा जाता था। लेकिन हमारे नेता नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद बिहार सम्मान का पर्याय बना। अब बिहार कहलाना अपमान नहीं, बल्कि सम्मान की बात हो गई है। बिहार की छवि देश और दुनिया में बदली है और यह तरक्की का प्रतीक बन गया है।
उन्होंने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है, जहां पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया और नगर निकायों में भी 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया। इसके साथ ही हमारी सरकार ने विभिन्न पदों पर आरक्षण देकर महिलाओं का सम्मान बढ़ाया है। पूरे देश में नीतीश कुमार को महिलाओं के समग्र विकास में उनके योगदान के लिए याद किया जाता है।
उन्होंने कहा कि हमने बेटियों को पढ़ने के लिए साइकिल योजना, पोशाक योजना, प्रोत्साहन भत्ता और छात्रवृत्ति दी। इस दिशा में जो युगांतरकारी परिवर्तन आया, वह पूरी दुनिया ने देखा है। लड़कियों के लिए सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। पुलिस में 30,000 महिलाओं की भर्ती की गई है। बिहार भले ही अन्य राज्यों की तुलना में छोटा राज्य है, लेकिन हमने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देश में एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया। आज बिहार में 11,88,000 से अधिक स्वयं सहायता समूह हैं और अब तक 1 करोड़ 50 लाख से अधिक परिवारों को इससे जोड़ा जा चुका है। महिलाओं को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया गया है। शहरी क्षेत्रों में भी यह कार्य जारी है और आगे भी इसे जारी रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए उन्हें चिन्हित कर उनके खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि भेजी गई है। शहरी क्षेत्रों में भी यह योजना चल रही है और एक लाख परिवारों के खातों में राशि भेजी जा चुकी है, जबकि प्रक्रिया अभी जारी है।
उन्होंने कहा कि जिन बातों के बारे में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, डॉ. राम मनोहर लोहिया, कर्पूरी ठाकुर, सरदार पटेल और डॉ. भीमराव अंबेडकर सोचते थे, उन विचारों को बिहार में साकार किया गया है। बिहार देश का पहला राज्य है, जहां नीतीश कुमार ने सात निश्चय योजना की शुरुआत की। जब इस योजना को शुरू किया गया था, तब लोग कहते थे कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा, लेकिन हमारे लोकप्रिय नेता नीतीश कुमार ने इसे धरातल पर उतारकर दिखाया। इसकी शुरुआत महादलित बस्तियों से की गई।
अंत में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा प्रस्तुत विश्वास मत प्रस्ताव का समर्थन करते हुए मैं कहना चाहता हूं कि बिहार में नीतीश कुमार के सपनों और संकल्पों को आगे बढ़ाने वाली हर पहल का हमारा समर्थन हमेशा बना रहेगा।
