हवालात में एनडीपीएस एक्ट के गिरफ्तार अभियुक्त की मौत के बाद एसपी ने लिया कड़ा एक्शन, विभागीय जांच भी शुरू

गणेश धर द्विवेदी

जिले के खुखुन्दू थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार अभियुक्त की हवालात में फांसी लगाने के बाद हुई मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में थाना खुखुन्दू के प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबित किए गए अन्य पुलिसकर्मियों में थाने पर तैनात आरक्षी (मुहर्रिर) गुल्लुर प्रसाद और रिक्रूट आरक्षी अंगद यादव शामिल हैं। तीनों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी संस्थित कर दी गई है।

पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है। मामला सीधे तौर पर पुलिस अभिरक्षा में रखे गए अभियुक्त की मौत से जुड़ा होने के कारण इसे गंभीरता से लिया। एसपी की ओर से जारी कार्रवाई संबंधी जानकारी में कहा गया है कि तीनों पुलिसकर्मियों ने अपने पदेन राजकीय कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरती।

हवालात में हुई थी अभियुक्त की मौत

खुखुन्दू थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे थाने की हवालात में रखा गया था। इसी दौरान अभियुक्त ने हवालात में फांसी लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। मामला गंभीर होने के चलते पुलिस अधीक्षक ने पूरे प्रकरण को संज्ञान में लिया और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका एवं ड्यूटी में बरती गई लापरवाही को लेकर कार्रवाई की।

पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई कार्रवाई में थाना प्रभारी की जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में आई है। प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह के साथ ही हवालात एवं थाने की ड्यूटी से जुड़े आरक्षी गुल्लुर प्रसाद और रिक्रूट आरक्षी अंगद यादव को भी निलंबित किया गया है।

ड्यूटी में लापरवाही पर गिरी गाज

पुलिस विभाग में हिरासत में रखे गए व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में हवालात में बंद अभियुक्त की मौत के बाद ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। एसपी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि संबंधित पुलिसकर्मियों ने अपने राजकीय कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरती।

निलंबन को इस मामले में विभागीय स्तर पर की गई प्रारंभिक कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। इसके साथ ही विभागीय कार्यवाही संस्थित किए जाने से अब मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका और उनकी ओर से ड्यूटी के दौरान बरती गई कथित लापरवाही की जांच की जाएगी।

विभागीय जांच में सामने आएंगे जिम्मेदारी से जुड़े तथ्य

निलंबन के साथ शुरू की गई विभागीय कार्यवाही के दौरान घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जाएगी। इसमें संबंधित पुलिसकर्मियों की ड्यूटी, हवालात की निगरानी और अभियुक्त की सुरक्षा से जुड़े दायित्वों का परीक्षण किया जाएगा। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।

पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में फिलहाल विभागीय जांच के विस्तृत निष्कर्ष या घटना के अन्य कारणों की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इस स्तर पर वही तथ्य सामने हैं, जिनके आधार पर एसपी ने निलंबन और विभागीय कार्यवाही की कार्रवाई की है।

एसपी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में संदेश

खुखुन्दू हवालात में अभियुक्त की मौत के मामले में तीन पुलिसकर्मियों के निलंबन को पुलिस विभाग के भीतर ड्यूटी में लापरवाही के प्रति सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर हिरासत में रखे गए व्यक्तियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।

पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर ने मामले में प्रभारी निरीक्षक से लेकर संबंधित आरक्षियों तक पर कार्रवाई कर यह स्पष्ट किया है कि राजकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

तीनों पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई

निलंबित पुलिसकर्मियों में थाना खुखुन्दू के प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह, आरक्षी (मुहर्रिर) गुल्लुर प्रसाद और रिक्रूट आरक्षी अंगद यादव शामिल हैं। एसपी ने तीनों को निलंबित करने के साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की है।

प्रकरण में विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी किस स्तर तक निर्धारित होती है और उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल तीनों पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है।

हवालात की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

घटना के बाद थाने की हवालात में बंद अभियुक्तों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में सुरक्षा व्यवस्था में किसी विशेष कमी का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है, लेकिन अभियुक्त की हवालात में मौत के बाद पुलिस की निगरानी और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की विभागीय जांच की जा रही है।

पुलिस के लिए हिरासत में रखे गए प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण दायित्व है। ऐसे में इस घटना के बाद जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ हुई कार्रवाई ने पूरे प्रकरण को गंभीर बना दिया है।

अब विभागीय जांच पर टिकी नजर

मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू अब विभागीय कार्यवाही का परिणाम होगा। निलंबन के बाद जांच के माध्यम से घटना के दौरान पुलिसकर्मियों की ड्यूटी और उनके कर्तव्यों के निर्वहन की पड़ताल की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई निर्धारित की जाएगी।

फिलहाल पुलिस अधीक्षक के आदेश से प्रभारी निरीक्षक समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। घटना में अभियुक्त की मौत के कारणों और पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी से जुड़े विस्तृत तथ्य विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

कार्रवाई का सार:

प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह — निलंबित

आरक्षी (मुहर्रिर) गुल्लुर प्रसाद — निलंबित

रिक्रूट आरक्षी अंगद यादव — निलंबित।