यह हादसा रविवार की अयोध्या बॉर्डर पर हलियापुर के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हुआ, पंचकुला (चंडीगढ़) से परिवार के लोग एंबुलेंस से सूबेदार सत्यवान का शव लेकर देवरिया जा रहे थे

गंणेश धर द्विवेदी

जनपद सुल्तानपुर में जवान का शव एम्बुलेंस से लेकर देवरिया आ रहे 4 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में जवान का इकलौता बेटा, भाई, रिश्ते का भतीजा और एंबुलेंस चालक शामिल हैं। तेज रफ्तार एंबुलेंस एक्सप्रेस-वे के किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए, केबिन पूरी तरह पिचक गया। ड्राइवर का शव स्टेयरिंग में फंस गया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर गाड़ी काटी और आगे की सीट पर बुरी तरह फंसे दो शवों को बाहर निकाला। पीछे बैठे दो लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक, हादसा रविवार सुबह करीब आठ बजे की है जब अयोध्या बॉर्डर पर हलियापुर के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर ये घटना हुआ। परिवार के लोग एंबुलेंस से सूबेदार सत्यवान का शव लेकर पंचकुला (चंडीगढ़) से देवरिया जा रहा था। मृतकों की पहचान सूबेदार के इकलौते बेटे गौरव सिंह (18), भाई राम समुझ (55), रिश्ते के भतीजे राजन सिंह (35) और एंबुलेंस चालक जसपाल के रूप में हुई है। सूबेदार के शव को हलियापुर थाने में रखवाया गया।

हादसे की सूचना पर डीएम इंद्रजीत सिंह और पुलिस कप्तान विनीत जायसवाल मौके पर पहुंचे। डीएम को देखते ही मृतक का भतीजा उनके गले लगकर फूट-फूटकर रो पड़ा। डीएम ने उसके कंधे पर हाथ रखकर सांत्वना दी। उधर, हादसे की सूचना के बाद सत्यवान के घर में कोहराम मच गया।

पुलिस के मुताबिक, देवरिया के रुद्रपुर के रहने वाले सेना में सूबेदार मेजर सत्यवान मेरठ में तैनात थे। चंडीगढ़ में उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। तीन दिन पहले पंचकुला में उनका निधन हो गया। इसके बाद परिवार के लोग उनका शव लेने पंचकुला पहुंचे। सत्यवान के भाई राम समुझ, रिश्ते के भतीजे राजन सिंह और इकलौते बेटे गौरव सिंह शनिवार शाम करीब 4 बजे एंबुलेंस से शव लेकर देवरिया के लिए रवाना हुए। परिवार के अन्य सदस्य दूसरी कार से उनके पीछे-पीछे चल रहे थे।

बताया जा रहा है कि रविवार सुबह करीब 8:15 बजे अयोध्या-सुल्तानपुर बॉर्डर के पास हलियापुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एंबुलेंस खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। हादसा माइलस्टोन 79.6 किलोमीटर के पास हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए और उसका केबिन पूरी तरह पिचक गया। आगे बैठे गौरव सिंह और एंबुलेंस चालक जसपाल की मौके पर ही मौत हो गई। ड्राइवर का शव स्टेयरिंग में बुरी तरह फंस गया था। राहगीरों की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गाड़ी काटकर दोनों शवों को बाहर निकाला।

एंबुलेंस में पीछे बैठे राम समुझ और राजन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को अयोध्या के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई। वहीं, सूबेदार मेजर सत्यवान का पार्थिव शरीर हलियापुर थाने में सम्मान के साथ सुरक्षित रखवाया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एंबुलेंस की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक एंबुलेंस बेकाबू होकर खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। पुलिस की अब तक की जांच में ड्राइवर को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है। हादसे की सूचना पर डीएम इंद्रजीत सिंह और पुलिस कप्तान विनीत जायसवाल भी मौके पर पहुंचे। डीएम ने मृतक के परिजनों से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया। परिवार में चार मौतों पर भतीजा दरोगा सिंह अपने आंसू न रोक सका। डीएम इंद्रजीत को जानकारी देते हुए वह उनके गले लग फूट-फूटकर रो पड़ा। डीएम ने कंधे पर हाथ रखकर सांत्वना दी। एसपी विनीत जायसवाल ने बताया- डायल 112 के माध्यम से हादसे की सूचना मिली। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।