कोलकाता में आज सजेगा तीसरा नमस्ते दिवस। सीवर-सेप्टिक टैंक कर्मियों और कचरा बीनने वालों के योगदान को मिलेगा सम्मान
शहरों को साफ रखने वाले वे हाथ, जो अक्सर गंदगी और जोखिम के बीच काम करते हुए भी हमारी नजरों से ओझल रह जाते हैं, मंगलवार को देशभर में सम्मान के केंद्र में होंगे। सफाईकर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य के संकल्प के साथ 14 को तीसरा नमस्ते दिवस मनाया जाएगा। मुख्य समारोह पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रवींद्र सदन में होगा, जबकि देशभर के शहरी स्थानीय निकायों में भी समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से आयोजित नमस्ते दिवस राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता इको-सिस्टम यानी नमस्ते योजना के तीन वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। योजना की शुरुआत वर्ष 2023 में की गई थी। कोलकाता में नमस्ते दिवस के मुख्य कार्यक्रम के साथ दिव्य कला मेले का भी आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले के शामिल होने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी समेत मंत्री, सांसद, विधायक, केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोगों के भी कार्यक्रम में भाग लेने की संभावना है।
नमस्ते दिवस के अवसर पर देशभर के शहरी स्थानीय निकाय सफाईकर्मियों के कल्याण पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इस दौरान व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगा और स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे। सफाईकर्मियों को सरकारी लाभ और भत्तों से जोड़ने की पहल के साथ मशीनीकृत सफाई उपकरणों तथा सुरक्षा गियर का प्रदर्शन भी किया जाएगा। स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा।
यह दिवस सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले कर्मचारियों, कचरा बीनने वालों और पूर्व में हाथ से मैला ढोने के काम से जुड़े लोगों के सम्मान को समर्पित है। सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में इन कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। सरकार का जोर जोखिम भरी सफाई व्यवस्था को समाप्त कर मशीनों के माध्यम से सुरक्षित सफाई को बढ़ावा देने पर है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का मानना है कि सफाईकर्मियों को केवल सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें प्रशिक्षित करने, कौशल विकास से जोड़ने और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने की भी जरूरत है। इसी उद्देश्य से नमस्ते योजना के तहत सफाईकर्मियों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नमस्ते योजना का बड़ा लक्ष्य स्वच्छता कार्य के दौरान होने वाली मौतों को शून्य करना है। इसके साथ ही सफाईकर्मियों का मानव मल से सीधा संपर्क समाप्त करने, सभी सफाई कार्य सुरक्षा उपकरणों के साथ कराने और प्रशिक्षित श्रमिकों के माध्यम से स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
आपात स्थिति में सुरक्षित मशीनीकृत सफाई सुनिश्चित करने के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों को मजबूत और सक्षम बनाने का भी लक्ष्य है। सफाईकर्मियों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी योजना के तहत प्रयास किए जा रहे हैं।
