लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली की स्पीकर अज़ारेल योलांडा अर्नेस्टा के साथ की द्विपक्षीय बैठक

नई दिल्ली : सदियों पुराने सभ्यतागत रिश्तों और हिंद महासागर से जुड़ी साझी विरासत को अब संसदीय और तकनीकी सहयोग की नई ताकत देने पर भारत और सेशेल्स ने जोर दिया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को संसद भवन परिसर में सेशेल्स की नेशनल असेंबली की स्पीकर अज़ारेल योलांडा अर्नेस्टा के नेतृत्व में आए संसदीय शिष्टमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान संसदीय क्षमता निर्माण, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, नवीकरणीय ऊर्जा, संस्कृति, शिक्षा और पर्यटन समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

बिरला ने अर्नेस्टा को सेशेल्स की नेशनल असेंबली की पहली महिला स्पीकर चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ और सेशेल्स की स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध केवल पारंपरिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं। इनके पीछे सदियों पुराने सभ्यतागत रिश्ते, सेशेल्स में भारतीय प्रवासी समुदाय की महत्वपूर्ण उपस्थिति और दोनों देशों के लोगों के बीच आत्मीयता है।लोकसभा अध्यक्ष ने सेशेल्स में भारत की आध्यात्मिक परंपराओं, विशेषकर योग के प्रति बढ़ती रुचि को दोनों देशों के बीच मजबूत जनसंपर्क का उदाहरण बताया। उन्होंने अर्नेस्टा की योग में व्यक्तिगत रुचि की सराहना करते हुए भारतीय प्रशिक्षकों के माध्यम से सेशेल्स में योग को और लोकप्रिय बनाने में सहयोग का प्रस्ताव भी रखा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की सेशेल्स यात्रा का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने सेशेल्स की नेशनल असेंबली के विशेष सत्र को संबोधित किया। उनके अनुसार, इस ऐतिहासिक संबोधन ने दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों में नई ऊर्जा का संचार किया और साझेदारी को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में नई गति दी है। उन्होंने दोनों देशों की संसदों के बीच नियमित संवाद और आदान-प्रदान बढ़ाने पर भी जोर दिया।

बिरला ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली के सदस्यों को भारतीय संसद का दौरा करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने संसदीय लोकतंत्र अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से सेशेल्स के सांसदों और अधिकारियों के लिए विधायी प्रारूपण, संसदीय प्रक्रियाओं और अन्य विधायी विषयों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की पेशकश की।भारत में संसदीय कामकाज के डिजिटलीकरण की जानकारी देते हुए बिरला ने कहा कि संसद ने कागजरहित व्यवस्था की दिशा में कदम बढ़ाया है। संसदीय कार्यवाही के 22 भारतीय भाषाओं में अनुवाद के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने डिजिटल संसद के माध्यम से देश के विधायी निकायों को साझा डिजिटल मंच पर लाने के प्रयासों की जानकारी दी। साथ ही स्वास्थ्य, डिजिटल परिवर्तन, बुनियादी ढांचा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में भारत-सेशेल्स सहयोग की व्यापक संभावनाएं बताईं।

बिरला ने सेशेल्स को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का विश्वसनीय और महत्वपूर्ण सहयोगी बताते हुए 'विजन महासागर' के संदर्भ में साझेदारी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर वैश्विक दक्षिण की आवाज और आकांक्षाओं को अधिक मजबूती दे सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी दोनों देशों के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

अर्नेस्टा ने भारतीय आतिथ्य के लिए आभार जताते हुए कहा कि भारत उनके दिल के करीब है। उन्होंने भारत को 'लोकतंत्र की जननी' बताते हुए कहा कि भारतीय सेशेल्स में शुरुआती दौर में बसने वाले प्रवासियों में शामिल रहे हैं और भारतीय संस्कृति वहां के सामाजिक एवं सांस्कृतिक ताने-बाने में गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने भारतीय संसद के डिजिटलीकरण और संसदीय कामकाज में प्रौद्योगिकी के व्यापक इस्तेमाल की भी सराहना की।बैठक के दौरान सांसद डॉ. डी. पुरंदेश्वरी, अपराजिता सारंगी और हिमाद्रि सिंह भी उपस्थित थीं।