फार्मा, खनन, शिक्षा और संस्कृति में सहयोग बढ़ाने पर जोर, पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी साझा किए विचार

नई दिल्ली : भारत और आर्मेनिया के बीच बढ़ते सहयोग को और मजबूती देने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान की आज बिश्केक में अहम मुलाकात हुई। 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर हुई इस बैठक में रक्षा और आर्थिक सहयोग से लेकर फार्मा, खनन, शिक्षा और संस्कृति तक कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने तथा पारस्परिक हित के क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

इस वर्ष जून में आर्मेनिया में हुए आम चुनावों के बाद पशिन्यान के पुनः पदभार ग्रहण करने के पश्चात प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी यह पहली मुलाकात थी। प्रधानमंत्री मोदी ने पशिन्यान को चुनावी जीत और पुनः पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने हाल के समय में भारत और आर्मेनिया के बीच विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के विस्तार पर संतोष व्यक्त किया। रक्षा, आर्थिक सहयोग, फार्मा, खनन, शिक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग को और आगे बढ़ाने पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने विशेष सौहार्द और मैत्री की भावना से जुड़े भारत-आर्मेनिया संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

द्विपक्षीय मुद्दों के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम भी बातचीत के केंद्र में रहे। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचार साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए संवाद और कूटनीति के माध्यम से निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता दोहराई।

आर्मेनिया के प्रधानमंत्री पशिन्यान ने प्रधानमंत्री मोदी को आर्मेनिया-अज़रबैजान शांति समझौते के कार्यान्वयन की वर्तमान स्थिति से भी अवगत कराया।

दोनों नेताओं ने भारत और आर्मेनिया के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने तथा पारस्परिक हित के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की।