पीएम नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को भी रेखांकित किया

नई दिल्ली। तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के दौरान रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत और सेशेल्स के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर जोर दिया। संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि भारत ऐसे हिंद महासागर की कल्पना करता है, जहां आर्थिक प्रगति के साथ-साथ सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि साझेदारी किसी देश के आकार पर नहीं, बल्कि आपसी सम्मान, विश्वास और समान सहयोग की भावना पर आधारित होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का उद्देश्य हिंद महासागर को अवसरों का महासागर बनाना है। उनके अनुसार यह क्षेत्र सभी देशों का साझा घर है और इसकी सुरक्षा, स्थिरता तथा समृद्धि सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यही सोच भारत के 'महासागर' (एमएएचएएसएजीएआर) विजन की आधारशिला है।

पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने मार्च 2025 में 'महासागर' विजन प्रस्तुत किया था, जो भारत की व्यापक वैश्विक समुद्री नीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देना, हिंद महासागर से आगे वैश्विक समुद्री सहयोग को मजबूत करना, छोटे देशों के साथ साझेदारी बढ़ाना, समुद्री क्षेत्र की जानकारी साझा करना तथा गैर-कानूनी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि इस विजन का लक्ष्य ग्लोबल साउथ के देशों को भी सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि उनके सेशेल्स दौरे का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है। भारत ऐसा हिंद महासागर चाहता है, जहां आर्थिक समृद्धि के साथ समुद्री सुरक्षा भी मजबूत हो, जहां देशों के बीच संबंध बराबरी, सम्मान और भरोसे पर आधारित हों तथा सभी देश अलग-अलग नहीं, बल्कि मिलकर आगे बढ़ें।

सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वहां संबोधन करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने का उन्हें विशेष सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि वह भारत के 1.4 अरब लोगों की शुभकामनाएं और स्नेह लेकर सेशेल्स पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री बनने के बाद हिंद महासागर क्षेत्र की अपनी पहली यात्रा उन्होंने सेशेल्स से ही शुरू की थी, क्योंकि भारत की समुद्री सोच में सेशेल्स का हमेशा विशेष स्थान रहा है। उन्होंने कहा कि एक दशक बाद दोबारा यहां आकर उनका यह विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। साथ ही उन्होंने सेशेल्स की स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे होने पर वहां की जनता को शुभकामनाएं भी दीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और सेशेल्स की मित्रता केवल 50 वर्ष पहले राजनयिक संबंध स्थापित होने से शुरू नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि अगस्त 1770 में 'थेलेमाक' नामक जहाज से सेंट ऐनी द्वीप पहुंचे लोगों में पांच भारतीय भी शामिल थे। उसी यात्रा ने भविष्य में दोनों देशों के बीच लोगों के आवागमन और संबंधों की नींव रखी। उन्होंने कहा कि इन लोगों की कहानियां आज आधुनिक सेशेल्स के इतिहास का हिस्सा बन चुकी हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और सेशेल्स के रिश्ते केवल सरकारों ने नहीं बनाए, बल्कि इन्हें दोनों देशों के लोगों, परिवारों और कई पीढ़ियों ने मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर दोनों देशों को अलग नहीं करता, बल्कि जोड़ता है और यही कारण है कि भारत और सेशेल्स के लोग एक-दूसरे से अजनबियों की तरह नहीं, बल्कि पुराने मित्रों की तरह मिलते हैं।