170 से ज्यादा यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट के साहस और सूझबूझ को प्रधानमंत्री ने सराहा।

नई दिल्ली : दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में जानलेवा हमले के बावजूद 170 से ज्यादा यात्रियों की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉल पर बात की। प्रधानमंत्री ने उनके साहस, सूझबूझ और संयम की सराहना करते हुए कहा कि पूरे देश को उन पर गर्व है और देशवासी उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित भी भावुक हो गए और उन्होंने मोदी से कहा, “आप मेरे सबसे बड़े आदर्श हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश गर्व से कह सकता है कि भारतीय किसी की जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले हैं। उन्होंने स्मित की मां गीता बेन का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने अपने बेटे को भगवद्गीता के मूल्यों और संस्कारों के साथ बड़ा किया है।

कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि कठिन परिस्थितियों में वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और हमले के दौरान भी इसका पाठ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का फोन आना उनके लिए बेहद गर्व का पल है और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें प्रधानमंत्री से बात करने का अवसर मिलेगा।

बुधवार 30 सितंबर को कैप्टन स्मित फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 को दुबई से तेल अवीव ले जा रहे थे। इसी दौरान ओमानी को-पायलट ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक हमलावर ने विमान पर कब्जा करने की कोशिश भी की। लगातार चाकू से हमला किए जाने के कारण कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी।

गंभीर चोटों और लगातार हमले के बावजूद कैप्टन स्मित किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब हुए। इसके बाद चालक दल के अन्य सदस्य और यात्री फ्लाइट डेक में पहुंचे और हमलावर को काबू कर लिया। विमान की दिशा बदलकर उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। उस समय विमान में 170 से ज्यादा लोग सवार थे।

कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री से बातचीत में उस मुश्किल घड़ी को याद करते हुए कहा कि उन्हें कई चोटें आई थीं, लेकिन उन्होंने खुद से कहा कि उन्हें उठना है और कुछ करना है। इसी संकल्प ने उन्हें कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए प्रेरित किया।

सुरक्षित लैंडिंग के बाद कैप्टन स्मित को तत्काल तबुक के अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें यूएई ले जाया गया, जहां भारतीय राजदूत दीपक मित्तल ने उनसे मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी पहले ही उन्हें ‘हीरो’ बता चुके हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित को ‘रियल हीरो’ बताते हुए कहा कि उनके साहस ने हवा में होने वाली एक बड़ी तबाही को रोकने में मदद की।