स्थानीय नेताओं की सलाह पर घटनास्थल पर नहीं जाने का लिया फैसला
पटना : बिहार विधानसभा में विधायक के रूप में नई पारी शुरू करने के कुछ ही देर बाद जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के पहले राजनीतिक कार्यक्रम में बदलाव हो गया। सोमवार को विधानसभा की सदस्यता की शपथ लेने के बाद उन्होंने सीधे लखीसराय जाने की बात कही थी, लेकिन बाद में यह दौरा टाल दिया गया। जन सुराज से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अब प्रशांत किशोर मंगलवार को लखीसराय पहुंचेंगे और अशोक धाम मंदिर के पास भगदड़ वाली जगह का जायजा लेंगे।
प्रशांत किशोर ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार के चैंबर में सदस्यता की शपथ ली। बाहर निकलने के बाद मीडिया ने जब उनसे लखीसराय हादसे को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वह वहां जा रहे हैं। घटनास्थल पर पहुंचकर पूरी जानकारी लेने के बाद ही हादसे पर कुछ कहना उचित होगा।
हालांकि कुछ समय बाद उनके कार्यक्रम में बदलाव हो गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार अशोक धाम में भगदड़ के बाद बने हालात और सोमवारी के कारण श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय नेताओं ने प्रशांत किशोर को दौरा स्थगित करने की सलाह दी। इसके बाद तय किया गया कि वह मंगलवार को घटनास्थल जाएंगे।
अशोक धाम मंदिर में सोमवार सुबह जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी थी। इसी दौरान बिजली का पोल गिरने के बाद करंट फैलने की अफवाह से भगदड़ मचने की बात सामने आई। हादसे में सात महिलाओं की मौत हो गई, जबकि करीब दो दर्जन लोग घायल हुए हैं।
विधानसभा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति के कई दिग्गज नेताओं को भी याद किया। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर, श्रीकृष्ण सिंह, लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार, रामविलास पासवान और सुशील कुमार मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि उस सदन का सदस्य बनना उनके लिए गौरव की बात है, जहां इन नेताओं ने समाज और बिहार की बेहतरी के लिए लंबे समय तक काम किया।
प्रशांत किशोर तीन अगस्त को बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में विजयी घोषित किए गए थे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सीट खाली करने के बाद हुए चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 19 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया। नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रहीं राजद की रेखा गुप्ता इस उपचुनाव में 15 हजार वोट का आंकड़ा भी नहीं छू सकीं और उनकी जमानत जब्त हो गई।
उपचुनाव में भाजपा ने प्रशांत किशोर को रोकने के लिए कई नेताओं को प्रचार में उतारा था। दूसरी तरफ राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव करीब तीन सप्ताह की विदेश यात्रा के बाद ऐसे समय पटना लौटे, जब चुनाव प्रचार समाप्त होने में केवल दो दिन बचे थे। वहीं जेजेडी अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने अपनी उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द होने के बाद प्रशांत किशोर को समर्थन देने की घोषणा की थी।
