बजाज ऑटो के चेयरमैन नीरज बजाज ने वर्चुअल माध्यम से किया विमला रामकृष्ण बजाज एम्फीथिएटर का उद्घाटन, वीर मंगल पांडेय पर आधारित नाटक बना आकर्षण

गणेश धर द्विवेदी

देवरिया में तीन सौ वर्ष पुराने बरगद की छांव और कमल कुंड के ऊपर बने नव निर्मित विमला रामकृष्ण बजाज एम्फीथिएटर में आयोजित सांस्कृतिक संध्या 'पुरवईया' ने पूर्वांचल की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। शास्त्रीय संगीत, कथक और रंगमंच की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह कार्यक्रम बरपार स्थित जागृति उद्यम केंद्र पर शनिवार की शाम आयोजित हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित आनंद मिश्र के सितार, उत्कर्ष सोनी की बांसुरी और डॉ. सुदर्शन राम के तबला वादन से हुआ। इसके बाद सार्वभौम वेद विद्यालय के छात्रों ने वैदिक मंगलाचरण प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक गरिमा से भर दिया। बजाज ऑटो के चेयरमैन नीरज बजाज ने वर्चुअल माध्यम से एम्फीथिएटर का उद्घाटन करते हुए कहा कि उनकी माता विमला रामकृष्ण बजाज हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की साधिका थीं और उनकी स्मृति में यह मंच पूर्वांचल के कलाकारों को समर्पित किया गया है।

बजाज ग्रुप चैरिटेबल ट्रस्ट्स के प्रिंसिपल ऑफिसर श्याम मनियार ने कहा कि सांस्कृतिक पहचान को सशक्त किए बिना समग्र विकास संभव नहीं है। वहीं जागृति के संस्थापक शशांक मणि ने इसे पूर्वांचल की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में कथक आचार्य राकेश यादव एवं उनकी टीम की प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरीं। समापन पर संकल्प बलिया द्वारा प्रस्तुत नाटक '1857 के महानायक वीर मंगल पांडेय' ने स्वतंत्रता संग्राम की गाथा को सजीव कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में निर्देशक आशीष त्रिवेदी सहित सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जागृति के चेयरमैन शरत बंसल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशुतोष कुमार, बजाज ग्रुप एवं जागृति परिवार के सदस्य, कलाकार, साहित्यकार, शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहे।