केंद्र सरकार ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के संचालन के लिए राज्यों को पहली वित्तीय सहायता जारी कर दी है
नई दिल्ली : केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी–जी राम जी के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने योजना के संचालन के लिए राज्यों को 25,863 करोड़ रुपये की पहली किस्त (मदर सैंक्शन) जारी की।
बैठक को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने 1 जुलाई 2026 से इस नई योजना को पूरे देश में एक साथ लागू करने का संकल्प लिया था और यह लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि मनरेगा से विकसित भारत–जी राम जी में बदलाव बिना किसी बाधा के हुआ है और अब तक किसी भी तरह की तकनीकी या संचालन संबंधी शिकायत सामने नहीं आई है।
उन्होंने कहा कि गरीब मजदूर भाई-बहनों की सेवा ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना, समय पर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करना और गांवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जहां मनरेगा को पूरे देश में लागू होने में लगभग तीन वर्ष लगे थे, वहीं विकसित भारत–जी राम जी को एक ही दिन में पूरे देश में लागू कर दिया गया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, राज्यों के सहयोग और देश की प्रशासनिक क्षमता की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री के संकल्प, सुशासन और प्रभावी समन्वय का प्रतीक है।
उन्होंने प्रारंभिक प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि पहले ही सप्ताह में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में काम शुरू हो चुका है और लाखों ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिला है। उन्होंने आंध्र प्रदेश, केरल और राजस्थान की सराहना करते हुए कहा कि इन राज्यों ने पहले ही दिन बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराया। वहीं ओडिशा और पश्चिम बंगाल से शेष ग्राम पंचायतों में जल्द कार्य शुरू करने का आग्रह किया गया। झारखंड से योजना को अधिसूचित कर आवश्यक बजटीय प्रावधान सुनिश्चित करने को कहा गया। जिन राज्यों में आरबीआई खाते खोलने या अन्य प्रक्रियाएं लंबित हैं, उन्हें भी समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मंत्री ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी के तहत मजदूरी दरों में औसतन लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब देश के किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय ग्रामीण श्रमिकों की आय और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि राज्यों को जारी की गई 25,863 करोड़ रुपये की पहली किस्त का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रमिकों को 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान हो सके। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे भी अपनी हिस्सेदारी की राशि समय पर जारी करें, ताकि मजदूरी भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो।
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि योजना के प्रभावी संचालन में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। पहली किस्त राज्यों की मांग के आधार पर जारी की गई है और भविष्य में भी आवश्यकता के अनुसार धन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाएं और ग्राम पंचायतें स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों का चयन करें, जिससे गांवों का समग्र और सहभागी विकास सुनिश्चित हो सके।
बैठक में पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर देते हुए मंत्री ने फेस ऑथेंटिकेशन, जियो टैगिंग और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़े के लिए कोई स्थान नहीं है और सरकार का लक्ष्य पारदर्शी, विश्वसनीय तथा गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों का निर्माण करना है।
उन्होंने बताया कि राज्यों को निरंतर सहयोग उपलब्ध कराने के लिए मंत्रालय ने संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में एरिया ऑफिसर्स की तैनाती की है। ये अधिकारी राज्यों के साथ नियमित समन्वय स्थापित करेंगे और क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे।
अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि समय पर मजदूरी भुगतान भारत सरकार और राज्य सरकारों की संयुक्त जिम्मेदारी है। भारत सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पहली किस्त समय पर जारी कर रही है और राज्यों से अपेक्षा है कि वे भी अपनी हिस्सेदारी समय पर उपलब्ध कराकर प्रत्येक पात्र श्रमिक को निर्धारित
समय-सीमा के भीतर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करें।
बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, राज्य मंत्री कमलेश पासवान, विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल, संयुक्त सचिव रोहिणी आर. भाजीभाकरे तथा मंत्रालय और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
