शराब की लत और घरेलू प्रताड़ना से तंग आकर पत्नी ने कथित तौर पर पति की हत्या कर दी
उत्तर प्रदेश के आगरा में सामने आए इस हत्याकांड ने सभी को हैरान कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, सिकंदरा थाना क्षेत्र के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में रहने वाले 44 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा की हत्या उनकी पत्नी रूबी ने की। इसके बाद उसने शव को घर के बाथरूम में दफनाकर उस पर सीमेंट का फर्श बनवा दिया। करीब 45 दिन तक किसी को इस वारदात की भनक तक नहीं लगी।
जांच में सामने आया कि 17 मई की रात रूबी ने पति को खीर में नींद की गोलियां मिलाकर खिलाईं। तड़के करीब तीन बजे जब वह उठी तो सुरेंद्र के शरीर में कोई हलचल नहीं थी और सांसें भी नहीं चल रही थीं। उसी समय घर में उनकी दोनों बेटियां और बुजुर्ग मां मौजूद थीं। महिला ने बच्चों को दादी के पास भेज दिया और घर का माहौल सामान्य दिखाने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार, रूबी ने सुबह अपने जेठ अनिल शर्मा को फोन कर बुलाया, लेकिन उन्हें किसी बहाने घर के भीतर नहीं आने दिया ताकि वारदात का राज न खुल सके। इसके बाद उसने अकेले ही बाथरूम का कच्चा फर्श खोदा और पति के शव को घसीटकर उसमें दबा दिया।
शव को पूरी तरह छिपाने के लिए उसने 600 रुपये में मिट्टी मंगवाई और खुद ही शव के ऊपर डाल दी। इसके बाद गिट्टी, मोरंग और सीमेंट भी मंगवाया। बाथरूम की मिट्टी ऊंची-नीची होने पर उसे भी अपने हाथों से समतल किया। बाद में कॉलोनी के एक व्यक्ति के जरिए राजमिस्त्री रवि को बुलाया गया। शाम को वह एक मजदूर के साथ पहुंचा और करीब 500 रुपये मजदूरी लेकर बाथरूम का पक्का फर्श तैयार कर चला गया। पुलिस जांच में सामने आया कि राजमिस्त्री और मजदूर को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि फर्श के नीचे शव दफन है। पूछताछ के बाद दोनों को निर्दोष मानते हुए छोड़ दिया गया।
रूबी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने करीब 14 घंटे तक लगातार पूछताछ की। इस दौरान उसके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य पहलुओं की जांच की गई, लेकिन किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता का कोई प्रमाण नहीं मिला। पूछताछ के दौरान वह आत्मग्लानि में रातभर रोती रही और कई बार अपने बयान भी बदलती रही।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि अब तक की जांच में हत्या की साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने नहीं आई है। बाथरूम से बरामद कंकाल का डीएनए नमूना जांच के लिए भेजा गया है और डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है। उन्होंने कहा कि महिला की निशानदेही पर शव की बरामदगी इस मामले का अहम और मजबूत साक्ष्य है।
डीसीपी ने यह भी बताया कि शुरुआती पूछताछ में महिला ने दावा किया था कि उसने इंटरनेट पर शव छिपाने के तरीके खोजे थे, लेकिन बाद में वह अपने बयान से मुकर गई। पुलिस को उसके मोबाइल की सर्च हिस्ट्री में भी ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। शनिवार को अदालत में पेश करने के बाद रूबी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है।
