विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव बनेंगे उपमुख्यमंत्री, राजभवन में सुबह 11 बजे होगा सीमित लेकिन अहम कार्यक्रम

दीपक श्रीवास्तव

बिहार की राजधानी पटना में सियासी तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। सम्राट चौधरी बुधवार सुबह 11 बजे राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ जदयू के विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस तरह बिहार में नई सरकार का औपचारिक गठन एक छोटे लेकिन महत्वपूर्ण समारोह के जरिए होगा।

भाजपा विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को नेता चुना गया, जहां डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा। इसके बाद विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में एनडीए विधायकों की संयुक्त बैठक में भी उनके नाम पर मुहर लग गई। दोनों बैठकों में सर्वसम्मति से उन्हें नेता चुना गया, जिसके बाद उन्होंने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

शपथ ग्रहण समारोह को इस बार सीमित रखा गया है। राजभवन में होने वाले इस कार्यक्रम में केवल तीन नेता ही शपथ लेंगे। राज्यपाल सैयद अता हसनैन मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा एक दिन पहले ही सम्राट चौधरी से मुलाकात कर समारोह की तैयारियों का जायजा ले चुके हैं।

जदयू कोर कमेटी की बैठक में उपमुख्यमंत्री पद को लेकर मंथन हुआ, जिसके बाद विजय चौधरी के साथ बिजेंद्र प्रसाद यादव के नाम पर सहमति बनी। विजय चौधरी का नाम पहले से चर्चा में था, लेकिन बिजेंद्र प्रसाद यादव का नाम अंतिम समय में तय किया गया।

जानकारी के अनुसार, अभी मंत्रिमंडल छोटा रखा जाएगा और अन्य मंत्रियों को बाद में शामिल किया जाएगा। मई के पहले सप्ताह में कैबिनेट विस्तार की योजना है और इसके लिए दो-तीन दिनों में नामों पर मंथन शुरू होगा। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि पश्चिम बंगाल और असम के चुनावों के बाद विस्तार को अंतिम रूप दिया जाएगा।

सूत्र यह भी बताते हैं कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार फिलहाल सरकार में शामिल नहीं होंगे। वहीं नई सरकार के सामने शपथ के बाद सबसे बड़ी चुनौती विधानसभा में बहुमत साबित करने की होगी।

अगर अनुभव की बात करें तो विजय चौधरी बिहार की राजनीति के मजबूत और भरोसेमंद चेहरे माने जाते हैं। वह पहले भारतीय स्टेट बैंक में अधिकारी रहे और 1982 में अपने पिता के निधन के बाद राजनीति में आए। कांग्रेस से शुरुआत कर उन्होंने बाद में जदयू का दामन थामा और शिक्षा, वित्त, संसदीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों के साथ विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली।

वहीं बिजेंद्र प्रसाद यादव राज्य के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वह 1990 से लगातार सुपौल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतते आ रहे हैं और लालू प्रसाद की सरकार से लेकर अब तक मंत्री पद पर बने हुए हैं। ऊर्जा, वित्त और वाणिज्यकर जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके यादव जदयू के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

नई सरकार के गठन के साथ ही अब सबकी नजर आगे होने वाले कैबिनेट विस्तार और सत्ता संतुलन पर टिकी हुई है, जो आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय करेगा।