मुजफ्फरपुर से खाड़ी देशों, अमेरिका और लंदन सबसे अधिक भेजे जा रहे पार्सल

मुजफ्फरपुर : विदेश में रहने वाले अपनों तक घर का सामान पहुंचाने के लिए अब पटना, दिल्ली या कोलकाता पर निर्भरता कम हो गई है। जिले से हर महीने 200 से अधिक पार्सल विदेश भेजे जा रहे हैं। इनमें सबसे अधिक पार्सल खाड़ी देशों के अलावा अमेरिका और लंदन भेजे जाते हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए डाक विभाग ने स्थानीय स्तर पर अंतरराष्ट्रीय पार्सल बुकिंग और निगरानी की व्यवस्था मजबूत की है।

प्रधान डाकघर के साथ रेलवे मेल सर्विस (आरएमएस) में भी इंटरनेशनल बिजनेस यूनिट कार्यरत है। इससे जिले में ही विदेश जाने वाले पार्सल की बुकिंग की जा रही है। पहले पार्सल की जांच, कस्टम प्रक्रिया और क्लियरेंस जैसी औपचारिकताओं के लिए बड़े शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई बार पार्सल अस्वीकार होने की जानकारी भी कई दिनों बाद मिलती थी। नई व्यवस्था से किसी समस्या की जानकारी जल्द मिल सकेगी।

भारी सामान भेजने के लिए वजन के आधार पर शुल्क निर्धारित होता है। वहीं इंटरनेशनल स्पीड पोस्ट में 500 ग्राम तक का शुल्क करीब 790 रुपये से शुरू होता है और वजन बढ़ने के साथ निर्धारित स्लैब के अनुसार राशि जुड़ती जाती है। सामान्य तौर पर डिलीवरी में पांच से सात दिन लगते हैं।

डाक विभाग पार्सल की पैकेजिंग और उसे आगे भेजने की व्यवस्था को भी आधुनिक बना रहा है। विभाग का दावा है कि अब कोई पार्सल एक स्थान पर एक घंटे से अधिक नहीं रुकता और उसे लगातार अगले केंद्र की ओर भेजने की प्रक्रिया जारी रहती है। इससे व्यापारियों, छात्रों और प्रवासी परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

विदेश पार्सल भेजने के नियम भी सख्त किए गए हैं। अब पार्सल के अंदर रखे प्रत्येक सामान की सही जानकारी देना जरूरी है। इसके लिए भेजने वाले को निर्धारित फॉर्म में सामान का विवरण दर्ज करना होगा, ताकि प्रतिबंधित सामग्री भेजे जाने से रोकी जा सके। गलत या अधूरी जानकारी मिलने पर पार्सल विदेश नहीं भेजा जाएगा।

घोषणा पत्र में पार्सल भेजने और प्राप्त करने वाले व्यक्ति के विवरण के साथ अंदर रखे सामान की जानकारी भी देनी होगी। सीमा एवं उत्पाद शुल्क संबंधी घोषणा नियमों के दायरे में आने वाली वस्तुओं का सही विवरण देना आवश्यक होगा।

मुजफ्फरपुर के आरएमएस अधीक्षक आशुतोष आदित्य ने बताया कि इंटरनेशनल बिजनेस यूनिट बनने से विदेश जाने वाले पार्सल की निगरानी बेहतर हुई है और कस्टम क्लियरेंस की प्रक्रिया तेज करने में मदद मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय पार्सल बुकिंग के लिए प्रधान डाकघर में निर्धारित काउंटर के साथ आरएमएस में भी काउंटर की सुविधा उपलब्ध है।