कॉकरोच जनता पार्टी ने एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग के कामकाज पर उठाए गंभीर सवाल
नई दिल्ली : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चल रहे विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को दिल्ली में प्रेस वार्ता कर उन्हें 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर पहले देशभर में प्रदर्शन किए जाएंगे और इसके बाद दिल्ली में ‘जंतर-मंतर 2.0’ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
दीपके ने एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ा है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार है और पात्र मतदाताओं को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
सीजेपी संस्थापक ने 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद की राजनीतिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए भाजपा पर क्षेत्रीय दलों और विपक्षी नेताओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि क्या मजबूत विपक्षी नेतृत्व को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सरकारों में बदलाव, दलों में टूट और निर्वाचित प्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त के भी आरोप लगाए।
एसआईआर विवाद के बीच चुनाव आयोग के भीतर फैसलों को लेकर मतभेद की बात भी सामने आई है। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से पिछले दस महीनों में आयोग के विभिन्न फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। इनमें मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और चुनावी व्यवस्था से जुड़े कुछ फैसले शामिल बताए गए हैं।
सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के साथ आगामी चुनाव फिलहाल रोकने, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने और एसआईआर प्रक्रिया बंद कर पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित करने की मांग की है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित 2023 के कानून को हटाकर नई व्यवस्था बनाने की मांग भी उठाई है।
दीपके ने कहा कि 48 घंटे में इस्तीफा नहीं होने पर पार्टी पीछे नहीं हटेगी और देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके बाद दिल्ली में भी प्रदर्शन किया जाएगा।
