फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य से लाल सागर तक तनाव के बीच हिंद महासागर तक पहुंच सकता है टकराव

पश्चिम एशिया में करीब नौ महीने से जारी अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच अब हिंद महासागर तक तनाव फैलने की चेतावनी सामने आई है। ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सलाहकार याह्या रहीम सफवी ने कहा है कि अमेरिका की ओर से एक और हमला होने की स्थिति में युद्ध का दायरा हिंद महासागर और संभवतः उससे भी आगे तक पहुंच सकता है।

सफवी ने कहा कि मौजूदा संघर्ष फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य से लाल सागर तक फैल चुका है। यदि सैन्य टकराव और बढ़ता है तो इसका नया मोर्चा हिंद महासागर तक पहुंचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

ईरान की ओर से पहले भी चेतावनी दी जाती रही है कि अमेरिका की किसी नई सैन्य कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में पूरे क्षेत्र में अमेरिकी हित और संपत्तियां जवाबी कार्रवाई के दायरे में आ सकती हैं।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी संकेत दिया है कि यदि उस पर दबाव या सैन्य कार्रवाई बढ़ती है तो वह अपनी रणनीति और लक्ष्यों में बदलाव कर सकता है। इन चेतावनियों ने पहले से तनावग्रस्त क्षेत्र में संघर्ष के और व्यापक होने की आशंका बढ़ा दी है।

हिंद महासागर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा महासागरीय क्षेत्र है और इसका विस्तार करीब 7.05 करोड़ वर्ग किलोमीटर में है। इसके उत्तरी हिस्से से भारत, ईरान, पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित कई देश जुड़े हैं। ऐसे में यदि संघर्ष वास्तव में इस क्षेत्र तक पहुंचता है तो इसका असर केवल युद्ध में शामिल पक्षों तक सीमित रहने के बजाय महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों और आसपास के देशों तक पहुंच सकता है।