गणेश धर द्विवेदी
रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के गहिला दुधैला गांव में रविवार को मातम का ऐसा पहाड़ टूटा कि हर आंख नम हो गई। गांव के लोग सेना के सूबेदार सत्यवान सिंह के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहे थे। लेकिन इसके बजाय एक ऐसी खबर पहुंची, जिसने पूरे गांव को झकझोर दिया। पार्थिव शरीर लेकर आ रही एंबुलेंस पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हादसे का शिकार हो गई। हादसे में सूबेदार सत्यवान सिंह के 18 वर्षीय बेटे गौरव, सगे भाई रामसमुझ समेत चार लोगों की मौत हो गई।

एक शव के आने का इंतजार कर रहे परिवार को चार अर्थियों की खबर मिली तो चीख-पुकार मच गई। जिस घर में अंतिम दर्शन की तैयारी हो रही थी, वहां अचानक कई अपनों के खोने का गम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में भी हर तरफ सन्नाटा और शोक पसरा रहा।
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर रविवार को गहिला दुधैला पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर शोकाकुल परिजनों से बात की। डीएम ने परिजनों के आंसू पोंछे और उन्हें ढांढस बंधाया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि दुख की इस घड़ी में प्रशासन परिवार के साथ खड़ा है और हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
डीएम ने कहा कि यह पूरे जिले के लिए असहनीय दुख है। एक परिवार पर एक साथ कई अपनों को खोने का दुख बेहद पीड़ादायक है। प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है और नियमानुसार हरसंभव सहायता की जाएगी।
