ओडिशा में आय से अधिक संपत्ति के मामले में सहायक कार्यकारी इंजीनियर के नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली
ओडिशा में सतर्कता विभाग की कार्रवाई के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। कंधमाल जिले के बालीगुडा स्थित एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी (आईटीडीए) में सहायक कार्यकारी इंजीनियर के पद पर तैनात बैकुंठनाथ बेहरा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायतों के आधार पर विजिलेंस विभाग ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्तियां, बहुमंजिला इमारतें और भारी मात्रा में नकदी मिलने के बाद मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है।
भुवनेश्वर के विशेष सतर्कता न्यायाधीश द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर विजिलेंस की टीमों ने भुवनेश्वर, बारीपदा, जाजपुर जिले के धर्मशाला क्षेत्र और कंधमाल के बालीगुडा समेत कुल नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस विशेष अभियान में दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पांच उप पुलिस अधीक्षक, छह निरीक्षक तथा अन्य सहायक कर्मियों को शामिल किया गया था।
तलाशी के दौरान अधिकारियों को भुवनेश्वर के प्रमुख इलाकों में स्थित कई बहुमंजिला इमारतों का पता चला। चंद्रशेखरपुर के नीलाद्रि विहार में एक चार मंजिला भवन, शैलाश्री विहार में एक तीन मंजिला इमारत तथा पटिया स्थित बैद्यनाथ मेमोरियल अस्पताल के निकट कानन विहार फेज-1 में एक दो मंजिला मकान की पहचान की गई। इसके अलावा चंद्रशेखरपुर क्षेत्र में एक अन्य भवन तथा जाजपुर जिले के धर्मशाला क्षेत्र के पाना गांव में पैतृक भूमि पर निर्मित दो मंजिला मकान का भी पता चला है।
जांच के दौरान अधिकारियों ने अब तक 13 भूखंडों की पहचान की है। इनमें भुवनेश्वर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थित सात प्लॉट शामिल हैं, जबकि अन्य भूखंड जाजपुर और बारीपदा क्षेत्रों में स्थित बताए जा रहे हैं। इन सभी संपत्तियों के दस्तावेजों और बाजार मूल्य की विस्तृत जांच की जा रही है।
मामले में सबसे बड़ा खुलासा परिवार से जुड़े बैंक लॉकरों की जांच के दौरान हुआ। विजिलेंस अधिकारियों को लॉकरों से करीब दो करोड़ रुपये नकद मिले। इससे पहले आवासीय परिसरों की तलाशी के दौरान 2.66 लाख रुपये से अधिक नकदी भी बरामद की गई थी। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद जांच एजेंसियां संपत्ति के स्रोतों की गहन पड़ताल कर रही हैं।
विजिलेंस विभाग के अनुसार, सोने के आभूषण, बैंक जमा, डाक बचत योजनाओं में निवेश, वित्तीय दस्तावेज और अन्य संपत्तियों का मूल्यांकन अभी जारी है। तकनीकी विशेषज्ञों को भूमि और भवनों का बाजार मूल्य निर्धारित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कुल संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
तलाशी अभियान केवल इंजीनियर के आवास और कार्यालय तक सीमित नहीं है। बारीपदा और पांडुआ स्थित रिश्तेदारों के घरों में भी जांच जारी है। इसके अलावा बालीगुडा स्थित सरकारी कार्यालय और सरकारी आवास को भी जांच के दायरे में रखा गया है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि सभी स्थानों की तलाशी पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार बैकुंठनाथ बेहरा ने वर्ष 1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। उस समय उनका मासिक वेतन लगभग 6 हजार रुपये था। इसके बाद विभिन्न आदिवासी विकास परियोजनाओं और इंजीनियरिंग इकाइयों में सेवाएं दीं। इसी वर्ष पदोन्नति देकर सहायक कार्यकारी इंजीनियर बनाया गया था।

