गणेश धर द्विवेदी
देवरिया: उत्तर प्रदेश के जनपद देवरिया में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को हाईटेक बनाने की दिशा में देवरिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर के विशेष प्रयासों से यातायात निदेशालय, उत्तर प्रदेश (लखनऊ) द्वारा देवरिया पुलिस को एक अत्याधुनिक 'इंटरसेप्टर वाहन' उपलब्ध कराया गया है। इस आधुनिक वाहन के पुलिस बेड़े में शामिल होने से अब यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है इंटरसेप्टर वाहन
यह इंटरसेप्टर वाहन कई आधुनिक और आधुनिकतम तकनीकी उपकरणों से लैस है, जो सड़क पर होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखेगा, स्पीड राडार गन एवं हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा: चलती गाड़ियों की रफ्तार की सटीक जांच की जा सकेगी। तय सीमा से तेज रफ्तार (ओवरस्पीडिंग) में वाहन चलाने वालों का तुरंत चालान कटेगा।
एडवांस ब्रेथ एनालाइजर: शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले (ड्रंक ड्राइविंग) चालकों की मौके पर ही त्वरित जांच की जाएगी।
एलईडी डिस्प्ले बोर्ड और लाउडस्पीकर: सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए घोषणाएं और जरूरी सूचनाएं प्रदर्शित की जाएंगी।
नागरिकों की सुरक्षा ही सर्वोच्च प्राथमिकता
पुलिस अधीक्षक देवरिया, अभिजित आर. शंकर ने कहा कि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। इस इंटरसेप्टर वाहन के आने से यातायात प्रवर्तन तकनीक के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनेगा।
एसपी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करें। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट और चारपहिया वाहन चालक सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें और शराब पीकर गाड़ी न चलाएं। नियमों का पालन कर ही स्वयं और दूसरों के जीवन को सुरक्षित बनाया जा सकता है।
