सभी 38 जिलों में विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त की प्रगति की मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने की समीक्षा
पटना : बिहार में जमीन के विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त के काम में अब सुस्ती नहीं चलेगी। लक्ष्य से पिछड़ने वाले जिलों की निगरानी सीधे मुख्यालय से होगी और हर तीन दिन पर वहां के अधिकारियों से प्रगति का हिसाब लिया जाएगा। जिन जिलों में काम संतोषजनक नहीं है, वहां प्रतिदिन शाम को बंदोबस्त पदाधिकारी अपने सहायक बंदोबस्त पदाधिकारियों और अमीनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा करेंगे। इसमें राज्य मुख्यालय के अधिकारी भी जुड़ेंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने गुरुवार को सभी 38 जिलों में चल रहे विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान ये निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में प्रथम और द्वितीय चरण के सर्वेक्षण कार्यों की प्रगति, उपलब्ध मानव संसाधन और निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक की उपलब्धियों की जिलावार समीक्षा की गई। बांका, जमुई और सुपौल समेत कुछ जिलों में काम की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर मंत्री ने संबंधित बंदोबस्त पदाधिकारियों को तत्काल तेजी लाने का निर्देश दिया।
डॉ. जायसवाल ने स्पष्ट किया कि केवल लक्ष्य तय कर देना पर्याप्त नहीं है। उसकी प्रतिदिन की प्रगति की जिम्मेदारी भी तय करनी होगी और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करनी होगी। जिन जिलों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, वहां बंदोबस्त पदाधिकारी प्रतिदिन शाम को अपने सभी सहायक बंदोबस्त पदाधिकारियों और अमीनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से काम की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में राज्य मुख्यालय को भी अनिवार्य रूप से जोड़ा जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का लिंक कम से कम तीन घंटे पहले संबंधित अधिकारियों और मुख्यालय को उपलब्ध कराना होगा।
पिछड़ रहे जिलों की निगरानी मुख्यालय स्तर से भी लगातार की जाएगी। चिन्हित जिलों के अधिकारियों के साथ प्रत्येक तीन दिन पर मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक होगी। इसमें निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले उपलब्धि, रोज की प्रगति और काम में आ रही बाधाओं की बिंदुवार समीक्षा की जाएगी।
मंत्री ने सर्वेक्षण कार्य की दैनिक प्रगति की जिला स्तर पर अचूक, पारदर्शी और परिणाम आधारित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने उपलब्ध मानव संसाधन के समय का सही इस्तेमाल करने और अमीनों समेत सभी संबंधित कर्मियों की कार्यक्षमता का पूरा उपयोग करते हुए उन्हें लक्ष्य के अनुरूप काम में लगाने का निर्देश दिया।
डॉ. जायसवाल ने कहा कि विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यह सीधे आम लोगों के भूमि अधिकार और भूमि अभिलेखों से जुड़ा है। इसलिए किसी भी स्तर पर शिथिलता, लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी बंदोबस्त पदाधिकारियों को अपने जिलों में नेतृत्व की जिम्मेदारी लेते हुए काम की रफ्तार बढ़ानी होगी और निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां किसी कारण से काम की गति प्रभावित हो रही है, वहां समस्या की तत्काल पहचान कर उसका समाधान किया जाए। संसाधन या आपसी समन्वय की कमी को काम में देरी का कारण नहीं बनने दिया जाए।
बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर काम पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और दैनिक प्रगति के आधार पर जरूरत के अनुसार सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा।
भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यक्रम की अद्यतन जिलावार स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने रैंकिंग में पिछड़ रहे जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों को लक्ष्य आधारित तरीके से काम करने और सभी कर्मियों के प्रतिदिन के कार्य की समीक्षा करने का निर्देश दिया।
बैठक में विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश, सहायक निदेशक सुबोध कुमार, विजय कुमार राय, सहायक निदेशक-सह-जनसंपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी, सहायक बंदोबस्त अधिकारी पल्लवी, राजस्व अधिकारी अनुजा सिन्हा और ऐमन फातिमा समेत विशेष सर्वेक्षण से जुड़े सभी जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारी एवं उनकी पूरी टीम मौजूद रही।