80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने युवाओं, महिलाओं और बच्चों के लिए खोला योजनाओं का पिटारा

नई दिल्ली : लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं के भविष्य से लेकर देश की ऊर्जा और सुरक्षा तक सात बड़ी घोषणाओं के जरिए विकसित भारत का रोडमैप सामने रखा। एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI कौशल प्रशिक्षण देने से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और बच्चों की खेल प्रतिभा खोजने तक कई अहम पहल की घोषणा की गई। वहीं, 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता, नए सेमीकंडक्टर संयंत्र, आधुनिक नागरिक सुरक्षा नेटवर्क और छह करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य तय कर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़े कदमों का संकेत दिया गया।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगले एक वर्ष में देश के एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि AI का विस्तार तेजी से हो रहा है और भारत के युवाओं को इस क्षेत्र में केवल भागीदार नहीं, बल्कि नेतृत्व करने के लिए तैयार करना होगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की। सरकार देशभर में निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार करेगी। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, उपलब्ध प्रतिभाओं और शिक्षकों को जोड़कर ऐसी व्यवस्था बनाने की तैयारी है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों पर महंगी कोचिंग का आर्थिक बोझ कम किया जा सके।

खेलों में भविष्य की प्रतिभाओं को तलाशने के लिए पांच से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए राष्ट्रव्यापी टैलेंट हंट अभियान शुरू करने की घोषणा की गई। गांवों, शहरों और स्कूलों में प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान की जाएगी और चयनित बच्चों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। खासतौर पर उन ओलंपिक खेलों पर ध्यान दिया जाएगा, जिनमें भारत की भागीदारी अभी कमजोर है या भारतीय खिलाड़ी क्वालीफाई नहीं कर पाते हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री ने युद्ध के बदलते स्वरूप का जिक्र करते हुए एक सशक्त और आधुनिक नागरिक सुरक्षा नेटवर्क तैयार करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है। रिफाइनरी, बैंकिंग सेक्टर, डेटा सेंटर, कारखाने और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे भी निशाना बन सकते हैं। इसे देखते हुए नागरिकों को आधुनिक प्रणालियों से परिचित कराने के साथ एक बड़ा स्वयंसेवी नागरिक सुरक्षा बल विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए सेमीकंडक्टर निर्माण पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू हो चुके हैं। अगले सात-आठ वर्षों में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ने इसे विकसित भारत की यात्रा में आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण आधार बताया।

ऊर्जा सुरक्षा को भविष्य की बड़ी जरूरत बताते हुए प्रधानमंत्री ने 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा। इसी दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की योजना है। उन्होंने कहा कि भारत ने फास्ट ब्रीडर परमाणु प्रौद्योगिकी में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जो परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है।

महिला सशक्तीकरण को लेकर प्रधानमंत्री ने तीन करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य हासिल होने का उल्लेख करते हुए अब छह करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य घोषित किया। यानी तीन करोड़ और महिलाओं को इस दायरे में लाने की तैयारी है। प्रधानमंत्री ने इसे महिला शक्ति के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

लाल किले से की गई इन घोषणाओं में युवाओं की स्किलिंग और शिक्षा से लेकर खेल प्रतिभाओं की पहचान, तकनीकी आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा और महिला नेतृत्व तक को विकसित भारत की यात्रा से जोड़ा गया। सरकार का लक्ष्य इन क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाकर 2047 के विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देना है।