पहली बार जनगणना में जाति से जुड़ी जानकारी भी होगी दर्ज

नई दिल्ली : आपका जन्म कहां हुआ, शादी किस उम्र में हुई, कितनी पढ़ाई की, कौन-कौन सी भाषाएं जानते हैं, काम क्या करते हैं और आपके कितने बैंक खाते हैं-जनगणना 2027 में देश की आबादी की गिनती केवल सिरों की संख्या तक सीमित नहीं रहने वाली। लोगों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक जीवन की विस्तृत तस्वीर तैयार करने के लिए कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। इस बार सबसे बड़ा बदलाव जाति से जुड़ी जानकारी को जनगणना में शामिल किया जाना है। कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित जानकारी भी मांगी जाएगी।

शुक्रवार को जारी अधिसूचना में जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सवालों की जानकारी सामने आई है। लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के साथ हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के बर्फीले क्षेत्रों में जनगणना 1 से 30 सितंबर तक की जाएगी। देश के अन्य हिस्सों में जनसंख्या की गणना 1 फरवरी 2027 से शुरू होगी।

घर-घर गणना शुरू होने से पहले 17 से 31 अगस्त के बीच सेल्फ एन्यूमेरेशन का विकल्प मिलेगा। इससे लोग निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे।

जनगणना 2027 इसलिए भी ऐतिहासिक होने जा रही है क्योंकि इसमें जाति संबंधी जानकारी शामिल की गई है। केंद्र सरकार ने 30 अप्रैल 2025 की कैबिनेट बैठक में आगामी जनगणना में जाति गणना को शामिल करने का फैसला किया था।

जनगणना में व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, उम्र, वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय उम्र और पति या पत्नी के नाम की जानकारी ली जाएगी। इसके साथ राष्ट्रीयता, धर्म, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और जाति, माता-पिता का विवरण तथा नि:शक्तता से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी।

सवालों का एक बड़ा हिस्सा शिक्षा और रोजगार से जुड़ा होगा। मातृभाषा और दूसरी भाषाओं के ज्ञान, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई की स्थिति, उच्चतम शिक्षा और विषय या संकाय की जानकारी ली जाएगी। व्यक्ति ने पिछले वर्ष काम किया या नहीं, उसके आर्थिक और गैर-आर्थिक कार्यकलाप, व्यवसाय, उद्योग, व्यापार या सेवा के स्वरूप, रोजगार की श्रेणी, काम की तलाश और कार्यस्थल तक की यात्रा के बारे में भी पूछा जाएगा।

पलायन की तस्वीर समझने के लिए जन्म स्थान, पूर्व निवास, स्थान बदलने का कारण, मौजूदा गांव या शहर में रहने की अवधि और स्थायी पते का विवरण दर्ज होगा। निर्धारित श्रेणी की महिलाओं से वर्तमान में जीवित बच्चों, अब तक जीवित पैदा हुए बच्चों और पिछले एक वर्ष के दौरान जीवित पैदा हुए बच्चों की संख्या भी पूछी जाएगी।

आखिरी हिस्से में कोविड-19 टीकाकरण का स्थान और बैंक खातों की कुल संख्या पूछी जाएगी। उपलब्ध होने की स्थिति में मोबाइल नंबर, आधार और वोटर आईडी नंबर भी दर्ज किए जाएंगे। भारतीय पासपोर्ट धारकों से पासपोर्ट नंबर तथा ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली जाएगी।

इस तरह जनगणना 2027 आबादी की संख्या के साथ देश की सामाजिक संरचना, शिक्षा, रोजगार, पलायन, डिजिटल पहुंच और आर्थिक स्थिति की व्यापक तस्वीर सामने लाएगी।