दो दिनों में बदल सकता है सत्ता का समीकरण, नई सरकार की तैयारी तेज

बिहार : पटना से खबर है कि बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर में प्रवेश करती दिख रही है। सत्ता के गलियारों में तेज हलचल के बीच यह लगभग तय माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके साथ ही अगले ही दिन नई सरकार के गठन की तैयारी भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

सूत्रों के अनुसार, इस्तीफे से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की एक अहम बैठक करेंगे। यह बैठक पहले दो बार स्थगित हो चुकी है, लेकिन अब इसे आयोजित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में कुछ महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक, 14 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। यह दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसी दिन डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती है और साथ ही खरमास की समाप्ति भी हो रही है, जिसे नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ समय माना जाता है।

इधर, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और लखेंद्र रौशन की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद राजनीतिक चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है। इस मुलाकात को संभावित बदलाव की दिशा में अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

नई सरकार के शपथ ग्रहण को लेकर भी इस बार बदलाव देखने को मिलेगा। कार्यक्रम का आयोजन गांधी मैदान के बजाय लोकभवन में किए जाने की तैयारी है। इससे पहले पिछली बार शपथ ग्रहण समारोह गांधी मैदान में हुआ था, जिसमें राष्ट्रीय स्तर के कई बड़े नेता शामिल हुए थे।

हालांकि, सबसे बड़ा सवाल अभी भी अनुत्तरित है कि राज्य की कमान किसे सौंपी जाएगी। नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। एनडीए खेमे का कहना है कि अंतिम फैसला भाजपा के शीर्ष नेतृत्व स्तर पर लिया जाएगा, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है।

आने वाले 48 घंटे बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। यदि तय कार्यक्रम के अनुसार घटनाक्रम आगे बढ़ता है, तो राज्य में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत तय मानी जा रही है।