गरीबों के हिस्से के चावल पर सियासी घमासान। तीन साल तक हर सप्ताह 31 हजार मीट्रिक टन चावल खरीदने की योजना का आरोप

नई दिल्ली : दिल्ली में हजारों मीट्रिक टन चावल की प्रस्तावित खरीद और उसकी कथित बिक्री को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर करीब 22 हजार करोड़ रुपये के चावल घोटाले की योजना बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। 

आप का दावा है कि गरीबों के लिए केंद्र सरकार के एफसीआई गोदामों से कम कीमत पर मिलने वाले चावल को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के बजाय अधिक कीमत पर दूसरी संस्था को बेचने की तैयारी थी। पार्टी ने इस पूरे मामले में करीब 11 हजार करोड़ रुपये की कथित दलाली का आरोप लगाते हुए केवल अधिकारी नहीं, बल्कि संबंधित मंत्री और सरकार की भूमिका की भी जांच और कार्रवाई की मांग की है।

आप के दिल्ली संयोजक सौरभ भारद्वाज ने आज प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार की ओर से तीन वर्षों तक प्रत्येक सप्ताह करीब 31 हजार मीट्रिक टन चावल भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से खरीदने की योजना थी। पार्टी के अनुसार यह चावल करीब 23 रुपये प्रति किलो की दर से लिया जाना था।

सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि इस चावल को गरीब और जरूरतमंद लोगों में वितरित करने के बजाय हरियाणा की एक संस्था को करीब 46 रुपये प्रति किलो की दर से बेचने की योजना बनाई गई थी। आप का आरोप है कि खरीद और बिक्री की कीमत के इसी अंतर के जरिए करीब 11 हजार करोड़ रुपये की कथित दलाली का रास्ता तैयार किया जा रहा था। पार्टी ने पूरे प्रस्तावित लेन-देन को करीब 22 हजार करोड़ रुपये का मामला बताया है।

आप के मुताबिक इस प्रकरण की शुरुआत सात जनवरी 2026 को लिखे गए एक पत्र से हुई। पार्टी का कहना है कि असम के एक कॉरपोरेशन ने दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा को पत्र भेजकर केंद्र सरकार की उस योजना का उल्लेख किया था, जिसके तहत राज्यों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जाता है। इस चावल का उद्देश्य ऐसे गरीब और जरूरतमंद लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाना बताया गया, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है।

आम आदमी पार्टी का दावा है कि संबंधित कॉरपोरेशन ने चावल लेकर गरीबों के बीच वितरित करने की बात कही थी। इसके बाद आठ अप्रैल 2026 को मंत्री की ओर से इस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए पत्र भेजे जाने की बात कही गई है। पार्टी के अनुसार इसके बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त आयुक्त अरुण कुमार झा ने एफसीआई और संबंधित कॉरपोरेशन को लेकर पत्राचार किया।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मामले की शिकायत केंद्रीय सतर्कता आयोग तक पहुंचने के बाद दिल्ली सरकार को पत्र भेजा गया। इसके बाद संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। आप का कहना है कि अधिकारी का निलंबन अपने आप में कई सवाल खड़े करता है और पूरे मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिए।

आम आदमी पार्टी ने इस मामले को केवल एक अधिकारी तक सीमित रखने पर सवाल उठाया है। पार्टी का आरोप है कि यदि इतने बड़े स्तर पर चावल की खरीद और आगे आपूर्ति की प्रक्रिया तैयार की जा रही थी तो इससे जुड़े सभी स्तरों की भूमिका की जांच जरूरी है। सौरभ भारद्वाज ने संबंधित मंत्री और सरकार की जवाबदेही तय करने तथा उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।