• एनएच-27 पर पुलिस का बड़ा एक्शन, मोतिहारी पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का खुलासा


पूर्वी चंपारण : जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच मोतिहारी पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसके तार जिले से लेकर दूसरे राज्यों और संभावित रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। नेशनल हाईवे-27 पर की गई इस कार्रवाई में एक अर्टिगा कार से 10.54 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली अफीम बरामद की गई है। पुलिस ने तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ उनकी निशानदेही पर जिले के एक स्थानीय तस्कर को भी दबोच लिया है।


इस पूरे अभियान की शुरुआत एक बेहद गोपनीय सूचना से हुई। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात को सूचना मिली थी कि झारखंड और गया की ओर से अफीम की एक बड़ी खेप लग्जरी वाहन के जरिए मोतिहारी लाई जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए डुमरियाघाट थाना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने तत्काल एनएच-27 पर नरसिंह बाबा मंदिर के समीप मोर्चा संभाल लिया और संदिग्ध वाहनों की निगरानी शुरू कर दी।


कुछ देर बाद एक सफेद रंग की अर्टिगा कार तेज रफ्तार में आती दिखाई दी। पुलिस ने वाहन को रुकने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने वाहन की गति बढ़ाकर निकलने की कोशिश की। हालांकि पहले से की गई घेराबंदी के कारण कार अधिक दूर नहीं जा सकी और पुलिस ने चारों तरफ से घेरकर उसे रोक लिया।


वाहन की तलाशी के दौरान शुरू में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, लेकिन जब पुलिस ने सीटों और बॉडी पार्ट्स की गहन जांच की तो कार के भीतर बनाया गया एक विशेष गुप्त तहखाना सामने आया। तहखाने को खोलने पर उसमें से मादक पदार्थ के कई पैकेट बरामद हुए। बरामद सामग्री का वजन 10.54 किलोग्राम निकला। एफएसएल और प्रारंभिक जांच में इसे उच्च गुणवत्ता वाली अफीम बताया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साजन कुमार यादव, पिता कैलाश यादव, निवासी सिकीद, जिला चतरा (झारखंड), मुन्ना कुमार यादव, पिता स्वर्गीय रामदेव महतो, निवासी सिंघवारी वार्ड संख्या-4, जिला चतरा (झारखंड) तथा अनुज कुमार साव, पिता होरिल साव, निवासी हिरी बागीचा, थाना मोहनपुर, जिला गया (बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों लंबे समय से अंतरराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े हुए थे।


गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की तो पूरे नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी सामने आई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अफीम की यह खेप पूर्वी चम्पारण में एक स्थानीय सप्लायर को सौंपने के लिए लाई जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोविंदगंज थाना क्षेत्र के सरैया खास गांव में छापेमारी की और जितेन्द्र चौधरी, पिता स्वर्गीय चनर चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार वह इस खेप को रिसीव कर आगे सप्लाई करने वाला स्थानीय स्तर का प्रमुख तस्कर था।


कार्रवाई के बाद पुलिस ने जितेन्द्र चौधरी के घर को भी सील कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि उसके माध्यम से जिले और आसपास के क्षेत्रों में मादक पदार्थों की सप्लाई की जाती थी। उसके आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क की भी जांच शुरू कर दी गई है।


इस मामले में डुमरियाघाट थाना कांड संख्या 188/26, दिनांक 12 जून 2026 दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 17(सी), 18(सी), 23(सी), 25 और 29 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि बरामद अफीम की अंतिम मंजिल क्या थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस खेप को खुली नेपाल सीमा के रास्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जाना था या फिर चम्पारण और आसपास के जिलों में युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने के लिए इसकी सप्लाई की जानी थी। इस पहलू को लेकर विशेष जांच शुरू कर दी गई है।


पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने इस सफल अभियान के लिए डुमरियाघाट थाना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम की सराहना की है। उनका कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।