देवरिया सीएमओ पर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप, एक साथ सामूहिक रूप से दिए गए त्यागपत्र की घटना के बाद स्वस्थ्य महकमे में हड़कंप

गणेश धर द्विवेदी

स्वास्थ्य महकमे से एक बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि देवरिया सीएमओ पर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाकर 16 सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) प्रभारियों ने अपने प्रशासनिक पद से त्यागपत्र दे दिया है। डॅक्टरों के एक साथ सामूहिक रूप से दिए गए त्यागपत्र की इस घटना के बाद देवरिया स्वस्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के मुताबिक बताया गया है कि जनपद के स्वास्थ्य विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब जिले के सभी 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अधीक्षकों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को अपना सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। अधीक्षकों ने अपने त्यागपत्र में डॉक्टरों की भारी कमी के बीच लगातार कार्य करने के बावजूद मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।

सीएमओ को भेजे गए पत्र में अधीक्षकों ने इस बात का उल्लेख किया है कि जनपद में चिकित्सकों के 215 स्वीकृत पदों के सापेक्ष मात्र 103 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इसके बावजूद सभी अधीक्षक एवं चिकित्सा कर्मी सीमित संसाधनों में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इमरजेंसी सेवाएं, ओपीडी, पोस्टमार्टम, टीकाकरण एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का सफल संचालन भी किया जा रहा है।

अधीक्षकों का आरोप है कि कठिन परिस्थितियों में कार्य करने के बावजूद उन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इससे आहत होकर सभी ने अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों के प्रशासनिक पदों से सामूहिक इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।

इस्तीफा देने वालों में लार, रुद्रपुर, भाटपाररानी, तरकुलवा, गौरी बाजार सहित जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं।

हालांकि अधीक्षकों ने स्पष्ट किया है कि उनका इस्तीफा केवल प्रशासनिक दायित्वों से है। वे चिकित्सक के रूप में अपनी सेवाएं पूर्ववत जारी रखेंगे, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस सामूहिक इस्तीफे की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। फिलहाल इस मामले में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी खुलकर बयान देने को तैयार नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के आगामी कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।