सोमवार देर रात नारायणी नदी के बढ़े जलस्तर के बीच एपी तटबंध का एक हिस्सा टूट गया, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत-बचाव अभियान शुरू
राकेश कुमार गौड़
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सोमवार देर रात नारायणी नदी के बढ़े जलस्तर के बीच एपी तटबंध का एक हिस्सा टूट गया। इसके बाद नदी का पानी आसपास के गांवों में फैलने लगा और प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत-बचाव अभियान शुरू किया। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर पहुंचकर हवाई सर्वेक्षण के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया।
तटबंध जवहीं दयाल क्षेत्र के ततवा टोला के पास टूटा। अलग-अलग रिपोर्टों में कटाव की लंबाई को लेकर अलग आंकड़े सामने आए हैं। इसलिए इसे फिलहाल तटबंध का एक हिस्सा टूटने के रूप में बताया जा रहा है। इसके बाद आसपास के कई गांवों में पानी पहुंच गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की कार्रवाई शुरू की गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद नारायणी नदी में अचानक पानी का दबाव बढ़ा। उनके मुताबिक सामान्य दिनों में नदी में करीब 3 से 4 लाख क्यूसेक पानी रहता है, जबकि इस दौरान करीब साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी आने से तटबंध पर दबाव बढ़ गया।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को हवाई सर्वेक्षण के बाद प्रभावित इलाकों में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने ऊंचे स्थानों पर शरण लिए लोगों के बीच राहत सामग्री और लंच पैकेट वितरित किए तथा उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

चार लाख की सहायता
मुख्यमंत्री ने बाढ़ में जनहानि होने पर मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही। क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए सहायता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
फसल नुकसान का सर्वे
कराकर प्रभावित किसानों को 10 दिन के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा राहत सामग्री का वितरण भी जारी है और प्रभावित लोगों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने पर प्रशासन का जोर है।

तटबंधों पर निगरानी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत-बचाव कार्यों में तेजी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जलशक्ति मंत्री और सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को स्थिति सामान्य होने के बाद नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन का काम कराने के निर्देश भी दिए, ताकि तटबंध और आसपास के गांवों की सुरक्षा मजबूत की जा सके। राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें भी प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रही हैं।
